पानी / AI
शीत ऋतु में शरीर का ध्यान गर्मियों की तुलना में ज्यादा रखना होता है। सर्दियों में ठंडे मौसम की वजह से शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है क्योंकि पानी पीना ही मुश्किल हो जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सर्दियों में ठंडे पानी का सेवन करना लाभकारी होता है या गर्म पानी?
आज हम आयुर्वेद के अनुसार गर्म और ठंडे पानी के फायदे बताएंगे।
पहले बात करते हैं गर्म या गुनगुने पानी की। गुनगुने पानी का सेवन ठंडे पानी की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है। गुनगुना पानी पीने से पाचन अग्नि तेज होती है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है और पेट से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं। दूसरा, गुनगुना पानी गले के लिए औषधि की तरह काम करता है। सर्दी से गले में होने वाले संक्रमण या टॉन्सिल की समस्या होने का खतरा भी कम होता है और आवाज मधुर बनी रहती है।
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तीसरा, गुनगुना पानी किडनी और ब्लैडर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, जिससे वो अच्छे तरीके से काम कर पाती हैं और समय-समय पर विषाक्त पदार्थ शरीर से बाहर निकलते रहते हैं। चौथा, सर्दियों में वात और कफ दोनों में वृद्धि होती है। वात और कफ को संतुलित रखने के लिए गुनगुना पानी दवा की तरह काम करता है और सर्दी और जुकाम होने से भी बचाता है।
वहीं दूसरी तरफ सामान्य या मटके का पानी पीने के अपने फायदे होते हैं। अगर थकान और चक्कर आने की परेशानी होती है, तो ठंडा पानी राहत देता है और घबराहट से भी निजात दिलाता है। दूसरा, शरीर में होने वाली जलन और रक्त संबंधी दोषों की वजह से होने वाली समस्याओं में भी ठंडा पानी राहत देता है।
अगर बीपी की समस्या है, तब ठंडा पानी पीना लाभकारी होता है, लेकिन कुछ लोगों को ठंडे पानी से परहेज करना चाहिए। जैसे, जो लोग बुखार से पीड़ित हैं, पसलियों में दर्द की समस्या है, कफ बढ़ा हुआ है, या भूख न लगने की समस्या है, उन्हें ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। यह परेशानियों को और बढ़ा सकता है। अब सवाल है कि कब और कितना पानी पीना चाहिए। गर्मी हो या सर्दी, सुबह गर्म पानी का सेवन जरूर करें। उतना ही पानी पीएं, जितनी जरूरत हो। बिना प्यास लगे, जबरदस्ती पानी पीने की कोशिश न करें।
दूसरा, भोजन से 30 मिनट पहले गुनगुना पानी जरूर पीएं, इससे पेट की पाचन शक्ति तेज होती है और भूख अच्छे से लगती है।
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