अनंत होनकन / ccny.cuny.edu
भारतीय-अमेरिकी इंजीनियरिंग प्रोफेसर अनंत होनकन ने सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क के ग्रोव स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में आर्थिक रूप से जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए 'वीर सावरकर लिगेसी स्कॉलरशिप' शुरू की है।
होनकन सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क (CCNY) से 1987 में ग्रेजुएट हुए थे और जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एमेरिटस हैं। उन्होंने 'वीर सावरकर लिगेसी स्टूडेंट सपोर्ट फंड' के जरिए यह स्कॉलरशिप शुरू की है।
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इस स्कॉलरशिप के तहत पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए हर साल $1,000 दिए जाएंगे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर उस विभाग से कोई योग्य छात्र नहीं मिलता है, तो ग्रोव स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के दूसरे विभागों के योग्य छात्रों को यह स्कॉलरशिप दी जाएगी।
यह स्कॉलरशिप विनायक दामोदर सावरकर (1883–1966) की विरासत का सम्मान करती है। सावरकर एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और समाज सुधारक थे, जिन्हें होनकन अपने मूल्यों और जीवन के मकसद को आकार देने का श्रेय देते हैं।
भारत से आए होनकन ने कहा कि सावरकर की कविता, लेखन, मराठी नाटक और जेल में रहने के दौरान दिखाई गई हिम्मत ने कर्तव्य और सेवा के प्रति उनकी समझ पर गहरा असर डाला।होनकन ने कहा कि मुझे न सिर्फ ज्ञान मिला, बल्कि एक नैतिक जागृति और मन की आवाज भी मिली, जो भारत से दूर अमेरिका में रहते हुए भी मेरे साथ है।
होनकन ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि इस पहल के माध्यम से, छात्रों की आने वाली पीढ़ियां न केवल वित्तीय सहायता से लाभान्वित होंगी, बल्कि साहस, दृढ़ता और स्वतंत्रता एवं न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से परिपूर्ण जीवन से प्रेरणा भी प्राप्त करेंगी।
2025 में सेवानिवृत्त होने से पहले, होंकन ने जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में लगभग तीन दशक तक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रीजेंट इंजीनियरिंग पाथवे कोऑर्डिनेटर के रूप में भी सेवाएं दीं।
इससे पहले, उन्होंने जॉर्जिया पेरिमीटर कॉलेज में पढ़ाया, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम विकसित किए और जॉर्जिया टेक के साथ कॉलेज के क्षेत्रीय इंजीनियरिंग ट्रांसफर प्रोग्राम की स्थापना में मदद की, जिसके लिए उन्हें संस्थान के इंजीनियरिंग जनक के रूप में मान्यता मिली।
उनके अकादमिक करियर में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में गणित के सहायक प्रशिक्षक और जमैका के कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड टेक्नोलॉजी में व्याख्याता के रूप में नियुक्तियां भी शामिल थीं। उन्होंने अपने इंजीनियरिंग करियर की शुरुआत भारत में महाराष्ट्र सरकार के भवन एवं संचार विभाग से की थी।
होनकन ने 1983 में सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयॉर्क से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की, उसके बाद 1987 में ग्रोव स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की। बाद में उन्होंने सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के ग्रेजुएट सेंटर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
अमेरिका में स्नातकोत्तर अध्ययन करने से पहले, उन्होंने भारत में कर्नाटक विश्वविद्यालय के बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री पूरी की।
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