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अदाणी ग्रीन को बड़ी सफलता, एनर्जी इंटेलिजेंस की 'ग्लोबल टॉप 100 ग्रीन यूटिलिटीज' में पहला स्थान

इस रैंकिंग से यह भी पता चलता है कि अब एशिया दुनिया में ग्रीन एनर्जी का नेतृत्व कर रहा है।

अदाणी ग्रीन के लिए बड़ी उपलब्धि / Adani Group

अदाणी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) को एनर्जी इंटेलिजेंस की 'ग्लोबल टॉप 100 ग्रीन यूटिलिटीज' में पहला स्थान मिला है, जो कम कार्बन उत्सर्जन वाले बिजली उत्पादन की दिशा में तेजी से हो रहे बदलाव और जलवायु परिवर्तन के प्रयासों में अदाणी ग्रुप की प्रमुख भूमिका को दर्शाता है। 

पिछले साल अदाणी ग्रीन इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर थी, लेकिन इस बार उसने पहला स्थान हासिल करके ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। इससे पहले यह स्थान चीन की कंपनी चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन (सीएनएनसी) के पास था, जो अब चौथे नंबर पर आ गई है। यह अदाणी ग्रीन के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इस टॉप 10 लिस्ट में भारत की दो कंपनियां शामिल हैं और टॉप 100 में कुल छह भारतीय कंपनियां हैं। पहले, साल 2011 में बनी पहली सूची में भारत की सिर्फ एक ही कंपनी थी। इससे साफ है कि भारत अब ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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यह रैंकिंग कंपनियों की सोलर और पवन ऊर्जा क्षमता और उनके द्वारा फैलाए जाने वाले ग्रीनहाउस गैस प्रदूषण को देखकर तय की जाती है। जिन कंपनियों का प्रदूषण कम और ग्रीन एनर्जी ज्यादा होती है, उन्हें बेहतर रैंक मिलती है।

अदाणी ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जुगेशिंदर सिंह ने कहा कि अब ग्रीन एनर्जी के लिए सही नियम और सही लागत दोनों मौजूद हैं। इसलिए अब साफ ऊर्जा की ओर बढ़ना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी फायदेमंद है।

इस रैंकिंग से यह भी पता चलता है कि अब एशिया दुनिया में ग्रीन एनर्जी का नेतृत्व कर रहा है। टॉप 10 में आधी कंपनियां एशिया की हैं, जिनमें भारत और चीन की कंपनियां शामिल हैं। बाकी कंपनियां यूरोप से हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ग्रीन बिजली बनाने वाली कंपनियों से होने वाला कार्बन डाइऑक्साइड प्रदूषण पिछले साल 6 प्रतिशत कम हुआ। यह दिखाता है कि दुनिया धीरे-धीरे साफ और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रही है।

एनर्जी इंटेलिजेंस के मैनेजिंग एडिटर जेम्स कॉकेन ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया बिजली पर ज्यादा निर्भर हो रही है, ऊर्जा कंपनियां अब सोलर और पवन ऊर्जा में ज्यादा निवेश कर रही हैं, क्योंकि यह सस्ती और पर्यावरण के लिए लाभकारी है।

उन्होंने कहा कि यह बात विशेष रूप से एशिया के संदर्भ में सच है, जो वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में अहम भूमिका निभा रहा है। इस दिशा में दुनिया की टॉप 100 ग्रीन एनर्जी कंपनियों की भूमिका को देखा जा सकता है।

 

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