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ट्रम्प सरकार बनते ही इन लोगों पर कस सकता है शिकंजा, कमला हैरिस भी निशाने पर

अब जबकि ट्रम्प राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके टारगेट पर कौन कौन हो सकता है।

 ट्रम्प अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। ट्रम्प अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। / REUTERS/Carlos Barria/File Photo

डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अगर वह दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं तो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों, पूर्व खुफिया अधिकारियों, पूर्व सैन्य प्रमुख, अभियोजकों, टेक कंपनियों के प्रमुखों और वामपंथी अमेरिकियों के खिलाफ जांच बिठाएंगे या उनके खिलाफ मुकदमा चलाएंगे। अब जबकि ट्रम्प राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके टारगेट पर कौन कौन हो सकता है।

राजनीतिक प्रतिद्वंदी
ट्रम्प ने प्रचार के दौरान उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, राष्ट्रपति जो बाइडेन, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व अमेरिकी प्रतिनिधि लिज चेनी के खिलाफ जांच कराने की मांग की थी। सितंबर में पेंसिल्वेनिया की रैली में ट्रम्प ने हैरिस को मौजूदा दौर की सबसे बड़ी आपराधिक समस्या यानी अवैध प्रवासियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए महाभियोग या मुकदमा चलाने की मांग की थी। चेनी और ओबामा के खिलाफ सैन्य ट्रिब्यूनल बिठाकर जांच कराए जाने का भी समर्थन किया था। 

खुफिया अधिकारी 
ट्रम्प उन पूर्व खुफिया अधिकारियों के खिलाफ भी खुलकर गुस्सा जाहिर करते रहे हैं जो उनके पहले राष्ट्रपति अभियान और रूस के बीच कथित संबंधों की जांच में शामिल थे। इनमें सीआईए के पूर्व निदेशक जॉन ब्रेनन और राष्ट्रीय खुफिया विभाग के पूर्व निदेशक जेम्स क्लैपर शामिल हैं। रूसी जांच को लेकर ट्रम्प के गुस्से के टारगेट पर एफबीआई के पूर्व उप निदेशक एंड्रयू मैककेबे भी हैं। डेमोक्रेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स इंटेलिजेंस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एडम शिफ को भी ट्रम्प एक घटिया और देशद्रोही बताते हुए मुकदमा चलाने की मांग कर चुके हैं। हालांकि शिफ अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत गए हैं। 

पूर्व जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ चेयरमैन
ट्रम्प कहते रहे हैं कि संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत्त अमेरिकी जनरल मार्क मिले पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। 2023 में तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि मिले को सजा ए मौत दे दी जानी चाहिए। कहा जाता है कि ट्रम्प के उथल पुथल भरे पहले कार्यकाल में मिले ने चीन के शीर्ष जनरल को बैक-चैनल से कॉल करके आश्वस्त किया था कि ट्रम्प चीन पर हमला करने की योजना नहीं बना रहे थे।

टेक दिग्गज
ट्रम्प ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और गूगल को भी चेतावनी दी है। ट्रम्प का मानना है कि इनके टेक प्लेटफार्म चुनाव में दखलंदाजी करते हैं। ट्रम्प ने मेटा पर ऐसे कंटेंट को दबाने का आरोप लगाया था जो 2020 के चुनाव में बाइडेन को नुकसान पहुंचा सकते था। चुनावी ढांचे को मजबूत करने के लिए जुकरबर्ग द्वारा फंडिंग किए जाने की भी ट्रम्प आलोचना कर चुके हैं। ट्रम्प ने कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद मैं न्याय विभाग से कहूंगा कि गूगल की आपराधिक जांच की जाए। 

प्रॉसिक्यूटर और जज
इनके अलावा ट्रम्प उन प्रॉसिक्यूटर्स और उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, जिन्होंने उनके आदेशों की नाफरमानी की थी या फिर उनके खिलाफ जांच की थी। इनमें फेडरल प्रॉसिक्यूटर जैक स्मिथ और मैनहट्टन डिस्ट्रिक अटॉर्नी एल्विन ब्रैग भी शामिल हैं। ट्रम्प न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स के खिलाफ मुकदमा चलाने की भी मांग कर चुके हैं। ट्रम्प पर 45.4 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाने वाले जस्टिस आर्थर एंगोरोन से भी वह काफी खफा हैं।

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