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फरवरी वीजा बुलेटिन: भारतीय आवेदकों के लिए कोई राहत नहीं, जानें- क्या-क्या बदला

बुलेटिन में साफ संकेत मिलते हैं कि भारतीय आवेदकों के लिए ज्यादातर वीजा श्रेणियों में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। अधिकांश कैटेगरी में कट-ऑफ डेट्स वहीं की वहीं अटकी हुई हैं।

US VISA / IANS

अमेरिकी विदेश विभाग ने फरवरी 2026 का वीजा बुलेटिन जारी कर दिया है। इस बुलेटिन में साफ संकेत मिलते हैं कि भारतीय आवेदकों के लिए ज्यादातर वीजा श्रेणियों में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। अधिकांश कैटेगरी में कट-ऑफ डेट्स वहीं की वहीं अटकी हुई हैं, यानी लंबा इंतजार अभी भी जारी रहेगा।

फरवरी 2026 के लिए USCIS (यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज) ने यह तय किया है कि Employment-Based (नौकरी आधारित) और Family-Based (परिवार आधारित) दोनों ही मामलों में Dates for Filing चार्ट का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

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अब कैटेगरी-वाइज समझते हैं कि भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ेगा:

परिवार आधारित वीजा में भारतीयों की स्थिति
F-1 श्रेणी, यानी अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित बेटे और बेटियों के लिए, फरवरी 2026 के वीजा बुलेटिन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारतीय आवेदकों के लिए इस कैटेगरी की कट-ऑफ डेट अब भी 8 नवंबर 2016 बनी हुई है, जिससे साफ है कि इस वर्ग में लंबा इंतजार जारी रहेगा।

F-2A श्रेणी, जिसमें ग्रीन कार्ड धारकों के पति/पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चे आते हैं, उसमें भी भारतीयों को कोई राहत नहीं मिली है। इस कैटेगरी की कट-ऑफ डेट 1 फरवरी 2024 पर ही अटकी हुई है और आगे बढ़ने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

F-2B श्रेणी, यानी ग्रीन कार्ड धारकों के 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के अविवाहित बेटे-बेटियों के लिए, स्थिति जस की तस बनी हुई है। फरवरी 2026 के बुलेटिन में इसकी कट-ऑफ डेट 1 दिसंबर 2016 ही रखी गई है, जिससे यह साफ होता है कि इस कैटेगरी में बैकलॉग अब भी गंभीर बना हुआ है।

F-3 श्रेणी, जिसमें अमेरिकी नागरिकों के शादीशुदा बेटे और बेटियां शामिल होते हैं, भारतीय आवेदकों के लिए सबसे ज्यादा धीमी गति वाली कैटेगरी में बनी हुई है। इस वर्ग की कट-ऑफ डेट अब भी 8 सितंबर 2011 पर कायम है, जो बेहद लंबे इंतजार की ओर इशारा करती है।

F-4 श्रेणी, यानी अमेरिकी नागरिकों के भाई-बहनों के लिए, भारतीयों की स्थिति सबसे अधिक पिछड़ी हुई नजर आती है। इस कैटेगरी की कट-ऑफ डेट 1 नवंबर 2006 पर बनी हुई है, जिससे साफ है कि यहां वीजा मिलने में दशकों तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

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