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जेलेंस्की-ट्रम्प तकरार : तुलसी-विवेक रामास्वामी का मिला साथ, डेमोक्रेट्स ने बताया शर्मनाक

व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुई तीखी बहस ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। ट्रम्प के समर्थन में तुलसी गबार्ड और विवेक रामास्वामी जैसे इंडियन-अमेरिकन नेता आगे आए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

तुलसी गबार्ड, डोनाल्ड ट्रम्प और विवेक रामास्वामी / X

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में 28 फरवरी को यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच जो जोरदार बहस हुई, उसका असर हर तरफ दिख रहा है। एक तरफ तुलसी गबार्ड और विवेक रामास्वामी जैसे ट्रम्प के खास समर्थक उनके साथ खड़े नजर आए। वहीं, भारतीय अमेरिकन डेमोक्रेट्स ने जेलेंस्की के साथ हुई इस तकरार को 'शर्मनाक' बताया है। 

अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड ने ट्रम्प का समर्थन करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने अमेरिकी लोगों के हितों और शांति के लिए डटे रहने में अटूट नेतृत्व दिखाया है। गबार्ड ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, 'आपने जो कहा वो बिलकुल सही है। जेलेंस्की कई सालों से अमेरिका को रूस के साथ परमाणु युद्ध/तीसरे विश्व युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहा है और किसी ने भी उन्हें इस पर नहीं रोका।'

12 फरवरी को इंटेलिजेंस चीफ बनने वाली तुलसी ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वेंस ने कूटनीति की जरूरत के बारे में जोरदार और स्पष्ट रूप से अपनी बात कही। भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने भी ट्रम्प का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'वर्तमान समय में शांति ताकत से ही मिलती है।' ओहायो के गवर्नर पद के लिए हाल ही में चुनाव लड़ने की घोषणा करने वाले रामास्वामी ने ओवल ऑफिस की मुलाकात के बाद ट्रम्प के एक बयान को भी दोबारा शेयर किया और लिखा, '@realDonaldTrump ने आज बहुत सही कहा।'

ट्रम्प ने अपने बयान में लिखा कि 'जेलेंस्की से मुलाकात अहम थी। बहुत कुछ ऐसा सीखा जो इस तरह के दबाव और तनाव के बिना कभी समझ में नहीं आ सकता था। भावनाओं के जरिए कितना कुछ सामने आता है, ये कमाल की बात है। मैंने यह तय किया है कि अगर अमेरिका शामिल है तो राष्ट्रपति जेलेंस्की शांति के लिए तैयार नहीं हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि हमारी भागीदारी उन्हें बातचीत में बड़ा फायदा देती है।'

ट्रम्प ने लिखा कि उन्हें फायदा नहीं चाहिए, उन्हें शांति चाहिए। ट्रम्प ने आगे कहा, 'उन्होंने अमेरिका के सम्मानित ओवल ऑफिस में अमेरिका का अपमान किया। जब वह शांति के लिए तैयार होंगे, तब वापस आ सकते हैं।' दुनिया के मीडिया के सामने व्हाइट हाउस में रूस के साथ युद्ध को लेकर दोनों नेताओं के बीच एक तीखी बहस हुई।

इस बीच, इंडियन अमेरिकन डेमोक्रेट नेताओं ने इस बहस के लिए ट्रम्प की आलोचना की है। कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने अपने एक्स अकाउंट पर इस मुलाकात पर चिंता जाहिर करते हुए लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति वेंस द्वारा राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ आज की हुई बेइज्जती शर्मनाक है। अमेरिकी जनता यूक्रेन की जनता के साथ खड़ी है, भले ही हमारे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और क्रेमलिन का पक्ष लें और रूसी बातों को दोहराएं।'

सांसद प्रमिला जयपाल ने एक्स पर लिखा, 'यह देखकर बहुत ही भयावह और हैरान करने वाला है कि यह प्रशासन हमारे सहयोगियों के बजाय तानाशाहों का साथ दे रहा है। हमें दुनिया भर में शांति, स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए खड़ा होना चाहिए। मैं आज ओवल ऑफिस में हुई मुलाकात से यूक्रेन के लोगों के लिए बहुत चिंतित हूं और मैं अपने सहयोगियों के साथ खड़ी रहूंगी।' रो खन्ना ने जेडी वेंस पर निशाना साधते हुए लिखा, '@JDVance क्या आप मेरे जैसे 'बड़बड़ाते सांसद' पर हमला करके 'लिबरल्स को नीचा दिखाने' तक ही सीमित रह सकते हैं, बजाय इसके कि विश्व नेताओं के साथ अपना आपा खोकर अमेरिका को शर्मसार करें।'

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