अमेरिकी सरकार / REUTERS/Elizabeth Frantz
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इलिनॉय, मिनेसोटा और न्यूयॉर्क को मिलने वाली 10 अरब डॉलर से अधिक की संघीय चाइल्डकेयर और पारिवारिक सहायता फंडिंग पर रोक लगा दी है। अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) ने यह कदम कथित धोखाधड़ी और फंड के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताते हुए उठाया है।
एचएचएस के अनुसार, 6 जनवरी को इन पांचों राज्यों—जहां डेमोक्रेटिक गवर्नर सत्ता में हैं—को सूचित किया गया कि फंडिंग पर अस्थायी रोक लगाई जा रही है। इस रोक में शामिल योजनाएं हैं:
चाइल्ड केयर एंड डेवलपमेंट फंड – 2.4 अरब डॉलर
टेम्पररी असिस्टेंस फॉर नीडी फैमिलीज़ (TANF) – 7.35 अरब डॉलर
सोशल सर्विसेज़ ब्लॉक ग्रांट – 86.9 करोड़ डॉलर
एचएचएस ने बयान में कहा कि आगे की समीक्षा पूरी होने तक इन राज्यों की इन फंड्स तक पहुंच सीमित रहेगी।
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ट्रम्प प्रशासन ने सत्ता में आने के बाद से ही विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्यों और संस्थानों की फंडिंग में कटौती की धमकी दी है। इनमें डेमोक्रेटिक शासित राज्यों में कथित धोखाधड़ी, विविधता (डाइवर्सिटी) से जुड़ी पहलें और गाजा पर इजरायल के हमले के खिलाफ हुए फिलिस्तीन समर्थक विश्वविद्यालयी प्रदर्शन भी शामिल हैं।
इस फैसले को लेकर डेमोक्रेट नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा,
“हमारे बच्चों को उस लड़ाई में राजनीतिक मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए, जो डोनाल्ड ट्रम्प को नीले राज्यों (डेमोक्रेटिक राज्यों) के गवर्नरों से लड़नी है।”
उन्होंने इस कदम को “प्रतिशोधात्मक” और “क्रूर” करार दिया।
इलिनॉय के गवर्नर जे.बी. प्रिट्जकर ने भी इसे “गलत और अमानवीय” बताया। वहीं कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूज़म के कार्यालय ने कहा कि उनके कार्यकाल में अब तक 125 अरब डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी रोकी जा चुकी है।
हाल के हफ्तों में ट्रम्प प्रशासन ने विशेष रूप से मिनेसोटा को निशाना बनाया है। प्रशासन का आरोप है कि वहां कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सेवा कार्यक्रमों में प्रवासियों द्वारा बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा रही है।
ट्रम्प प्रशासन के अधिकारियों ने मिनेसोटा की सोमाली समुदाय—जो अमेरिका में सबसे बड़ी है—पर भी तीखे हमले किए हैं। इसके अलावा उन्होंने मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ (2024 के डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति उम्मीदवार) और कांग्रेस की सदस्य इल्हान ओमार, जो सोमाली-अमेरिकी हैं, पर भी बार-बार निशाना साधा है।
मानवाधिकार संगठनों और अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन धोखाधड़ी की जांच को बहाना बनाकर प्रवासियों और अपने राजनीतिक विरोधियों को व्यापक रूप से निशाना बना रहा है।
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