डॉ. मनु के. वोरा को लंदन में सम्मान / image provided
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन (यूके) ने हाल ही में डॉ. मनु के. वोरा को उनके वैश्विक योगदान के लिए वर्चुअल रूप से ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें क्वालिटी मैनेजमेंट, लीडरशिप, प्रोफेशनल एजुकेशन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।
अंधजन सेवा में बड़ा योगदान
डॉ. वोरा ब्लाइंड फाउंडेशन फॉर इंडिया के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उनकी टीम ने भारत में नेत्रहीन लोगों के लिए मुफ्त चक्षु दान प्रोजेक्ट के तहत अब तक 7 मिलियन डॉलर (करीब 58 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस परियोजना से अब तक 20 लाख बच्चों और बड़ों को मुफ्त आंखों की जांच का लाभ मिला है।
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ज्ञानदान परियोजना से 12 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
डॉ. वोरा को फ्री ज्ञान दान परियोजना में उनके नेतृत्व के लिए भी सराहा गया। इस प्रोजेक्ट के तहत पिछले 12 वर्षों में 12 लाख से ज्यादा छात्रों, शिक्षकों और प्रोफेशनल्स को सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई, ताकि उनकी रोजगार क्षमता बढ़ सके। वे AICTE के NEP 2020 इंप्लीमेंटेशन प्लान कमेटी के सदस्य भी हैं।
सम्मान समारोह में कई गणमान्य लोग शामिल
यह वर्चुअल सम्मान समारोह शक्ति तिवारी, सचिव, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने आयोजित किया। समारोह में को-होस्ट की भूमिका डॉ. राजशेखर डेविड, असिस्टेंट प्रोफेसर, IIM रांची ने निभाई।
मनु वोरा ने वर्चुअली कार्यक्रम को अटेंड किया। / image providedइस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. ममता रानी अग्रवाल, अतिरिक्त सचिव, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) थीं, जबकि डॉ. राकेश कुमार, IAS, चीफ एडवाइजर (ग्लोबल हेल्थ), वाधवानी इंस्टीट्यूट फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, USA, गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। समारोह में नौ विशेष अतिथि ‘नव रत्न’ के रूप में शामिल हुए, डॉ. विजय बत्रा, प्रो. अनिल कुमार अग्रवाल, डॉ. सारिका श्रीवास्तव, जवाहर गोरडिया, राजेंदु बक्षी, डॉ. निला वोरा, देबाशीष सरकार, डॉ. लक्ष्मी मोहन और डॉ. श्रीधर रामामूर्ति। डॉ. मनु के. वोरा ने यह सम्मान अपने माता-पिता, केजी से पीजी तक के सभी शिक्षकों, भारत के 1.5 करोड़ नेत्रहीनों और पूरे देश के शिक्षकों को समर्पित किया।
डॉ. मनु के. वोरा ने यह सम्मान अपने माता-पिता, केजी से पीजी तक के सभी शिक्षकों, भारत के 1.5 करोड़ नेत्रहीनों और देशभर के उन सभी शिक्षकों को समर्पित किया जो अपने छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने ब्लाइंड फाउंडेशन फॉर इंडिया के बोर्ड मेंबर्स, दानदाताओं और अपने परिवार का भी आभार जताया, जिन्होंने उनके काम में निरंतर सहयोग दिया।
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