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सामुदायिक सेवा के लिए नेब्रास्का यूनिवर्सिटी के प्रो. शांताराम जोशी को अवॉर्ड

यह पुरस्कार ऐसे फैकल्टी मेंबर्स को दिया जाता है जो अपने अकादमिक कार्यों से आगे बढ़कर समाजसेवा में समय, ज्ञान और संसाधन लगाते हैं।

 शांताराम जोशी 1983 से UNMC से जुड़े हैं। शांताराम जोशी 1983 से UNMC से जुड़े हैं। / Courtesy Image

यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर, कॉलेज ऑफ मेडिसिन (UNMC) ने प्रोफेसर शांताराम जोशी को साल 2025 का स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी सर्विस अवॉर्ड देने का ऐलान किया है।  

शांताराम जोशी जेनेटिक्स, सेल बायोलॉजी और एनाटॉमी विभाग में प्रोफेसर हैं। उन्हें यह सम्मान 16 अप्रैल को फैकल्टी सीनेट की सालाना बैठक में प्रदान किया जाएगा।  

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यह पुरस्कार ऐसे फैकल्टी मेंबर्स को दिया जाता है जो अपने अकादमिक कार्यों से आगे बढ़कर समाजसेवा में समय, ज्ञान और संसाधन लगाते हैं। जोशी 1983 से UNMC से जुड़े हैं। नेब्रास्का में आने के बाद से वह सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जब मैं नेब्रास्का आया तो भारतीय समुदाय बहुत छोटा था लेकिन जल्दी ही हमें महसूस हुआ कि हमें एक ऐसी जगह चाहिए जहां पूजा, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियां हो सकें।

कर्नाटक के गोकर्ण में पुजारियों के परिवार में पले-बढ़े जोशी ने स्थानीय कम्युनिटी सेंटर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू किए। इसे ओमाहा में एक मंदिर की स्थापना में मदद मिली। यह मंदिर आज आध्यात्मिक और सांस्कृतिक का प्रमुख केंद्र बन चुका है।  

जोशी ने बताया कि ओमाहा में सभी समुदायों के उत्साह और सहयोग की भावना ने उन्हें प्रेरित किया कि वे भी इसी भावना के साथ लोगों को जोड़ें। हमने हमेशा ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जो सभी समुदायों के लिए थे ताकि सभी को लगे कि वे हमारे साथ जुड़े हुए हैं।  

चार दशकों तक अध्यापन के दौरान उन्होंने कई छात्रों को प्रेरित किया है। आर्थिक कठिनाइयों से पीएचडी तक का सफर तय करने वाले जोशी का कहना है कि वे चाहते थे कि उनके अनुभव अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनें।  

जोशी नए-नए पढ़ाई के तरीके और तकनीक अपनाते हैं ताकि छात्रों को मजबूत अकादमिक नींव मिल सके। उन्होंने कहा कि सबसे खास पल वह होता है जब कोई छात्र बरसों बाद मुझसे संपर्क करता है और कहता है कि मैंने उसके करियर को दिशा देने में मदद की थी।

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