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NJ स्थित TSNPAC संस्थापक नंदकुमार को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

कर्नाटक संगीत के ताल-वादक को 1,00,000 रुपए का नकद पुरस्कार, एक ताम्रपत्र और एक अंगवस्त्रम भेंट किया जाएगा।

 टीएस नंदकुमार  टीएस नंदकुमार / Wikimedia commons

भारत की संगीत नाटक अकादमी ने 10 जून को घोषणा की कि भारतीय-अमेरिकी ताल-वादक (percussionist) टी. एस. नंदकुमार ने 'ओवरसीज- संगीत (मृदंगम)' श्रेणी में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2025 जीता है। इस पुरस्कार में ₹1,00,000 की नकद राशि, एक ताम्रपत्र और एक अंगवस्त्रम शामिल है।

न्यू जर्सी स्थित 'TSN’s Percussive Arts Centre Inc. (TSNPAC)' के संस्थापक नंदकुमार, कर्नाटक संगीत के जाने-माने ताल-वादक हैं और मुख्य रूप से मृदंगम बजाने के लिए जाने जाते हैं।

उन्हें अपने क्षेत्र में महारत हासिल करने और TSNPAC के माध्यम से अगली पीढ़ी तक इस कला को पहुंचाने के प्रयासों के लिए, प्रदर्शन कला (performing arts) में लगातार बेहतरीन काम और योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान 'संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।

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केरल के अंबालाप्पुझा में जन्मे नंदकुमार की संगीत में गहरी रुचि तब जगी जब वे चार साल के थे। उन्होंने कर्नाटक संगीत के कुछ जाने-माने नामों जैसे सेम्मंगुडी श्रीनिवास अय्यर, एम. डी. रामनाथन, एस. रामनाथन, आर. के. श्रीकांतन, भीमसेन जोशी और एम. बालमुरलीकृष्ण के साथ संगत कलाकार (accompanist) के तौर पर पहचान बनाई।

उनकी जीत का जश्न मनाते हुए, न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने X पर कहा कि न्यू जर्सी स्थित TSN’s Percussive Arts Centre Inc. (TSNPAC) के संस्थापक श्री टी. एस. नंदकुमार को 'ओवरसीज – संगीत (मृदंगम)' श्रेणी में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई।

इसमें आगे कहा गया कि यह भारतीय शास्त्रीय कलाओं में उनकी उत्कृष्टता और भारतीय-अमेरिकी समुदाय व अन्य लोगों के बीच कर्नाटक संगीत और ताल-वाद्य कला को बढ़ावा देने के उनके समर्पित प्रयासों की एक गर्वपूर्ण पहचान है।



नंदकुमार की संस्था TSNPAC, जो दुनिया भर में भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने और उसे संरक्षित करने के लिए समर्पित है, सबसे पहले भारत के महाराष्ट्र में शुरू हुई थी और बाद में इसे अमेरिका के न्यू जर्सी में रजिस्टर किया गया।

संस्था का कहना है कि TSNPAC मृदंगम, घटम, कंजिरा, मोरसिंग और थाविल जैसे ताल वाद्ययंत्रों के साथ-साथ कर्नाटक शैली पर आधारित 'कोन्नाकोल' कला सिखाने का एक समर्पित केंद्र है।

अपनी जीत के बारे में बात करते हुए नंदाकुमार ने X पर कहा कि संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चुने जाने पर मैं बहुत विनम्र महसूस कर रहा हूं और सचमुच सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मुझे इस सम्मान के लिए चुनने के लिए मैं काउंसिल के सभी सदस्यों का दिल से धन्यवाद करता हूं।

उन्होंने कहा कि मेरे सभी छात्रों, उनके माता-पिता, दोस्तों, शुभचिंतकों और पूरे TSNPAC परिवार का उनके अटूट समर्थन, प्रोत्साहन और मुझ पर भरोसा करने के लिए दिल से धन्यवाद। मैं पूरी लगन, ईमानदारी और विनम्रता के साथ अपनी कला के प्रदर्शन और शिक्षण के प्रति समर्पित रहूंगा।

नंदाकुमार के अलावा, मशहूर मोहिनीअट्टम डांसर और शिक्षिका डॉ. सुनंदा नायर को भी प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला।

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