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भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. महाजन की हाइड्रोजन भंडारण तकनीक को SUNY का ग्रांट

स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. देविंदर महाजन को उनकी इनोवेटिव हाइड्रोजन भंडारण तकनीक के लिए SUNY का टेक्नोलॉजी एक्सेलेरेटर फंड (TAF) मिला है। यह तकनीक टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति ला सकती है।

 स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी में मटेरियल साइंस और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर डॉ. देविंदर महाजन स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी में मटेरियल साइंस और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर डॉ. देविंदर महाजन / Website- stonybrook.edu

स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी में मटेरियल साइंस और केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर डॉ. देविंदर महाजन के प्रोजेक्ट को 2024 के SUNY टेक्नोलॉजी एक्सेलेरेटर फंड (TAF) में शामिल किया गया है। SUNY रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संचालित TAF प्रोग्राम SUNY (स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क) सिस्टम के प्रोफेसरों, आविष्कारकों और वैज्ञानिकों को जरूरी मदद देता है। 

इस साल, SUNY ने सात बेहतरीन प्रोजेक्ट्स में 425,000 डॉलर का निवेश किया है। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद हेल्थकेयर, पर्यावरण संरक्षण और न्यू यॉर्क के हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में क्रांति लाना है। इनमें से एक प्रोजेक्ट डॉ. महाजन का भी है। उनका रिसर्च सामान्य तापमान पर हाइड्रोजन और मीथेन के मिश्रण को स्टोर और रिलीज करने के एक सिस्टम पर केंद्रित है। ऊर्जा भंडारण में इसकी अहमियत को देखते हुए इस रिसर्च को फंडिंग मिली है।

टिकाऊ ऊर्जा की तरफ बढ़ने में हाइड्रोजन बहुत अहम है, लेकिन इसे सुरक्षित और आसानी से स्टोर और इस्तेमाल करना बड़ी चुनौती है। डॉ. महाजन का नया सिस्टम इस चुनौती का हल निकालता है। यह हाइड्रोजन को जरूरत के हिसाब से सुरक्षित और आसानी से स्टोर करने का एक बेहतरीन तरीका है। इस खोज से ऊर्जा क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। इससे कम कार्बन वाली तकनीक विकसित होगी और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलेगी। 

TAF प्रोग्राम रिसर्च और कमर्शियलाइजेशन के बीच का फासला कम करता है। इससे डॉ. महाजन जैसे रिसर्चर्स अपनी खोजों को बाजार में ला सकते हैं। इस फंडिंग से उनकी तकनीक को विकसित करने में अहम काम होगा। जैसे, संभावनाओं का अध्ययन, प्रोटोटाइप बनाना और टेस्टिंग। इससे इन नई तकनीकों की कमर्शियल कामयाबी साबित होगी और निवेशकों को आकर्षित करेगी, जिससे इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो सकेगा। 

डॉ. महाजन के काम का सफर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 300 से ज्यादा रिसर्च पेपर्स लिखे हैं। 110 से अधिक लेक्चर दिए हैं और 15 पेटेंट हासिल किए हैं। वो स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी में इंस्टिट्यूट ऑफ गैस इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी (I-GIT) के डायरेक्टर भी हैं। उन्हें अपने काम के लिए कई अवॉर्ड्स भी मिले हैं। इनमें ब्रुकहेवन नेशनल लेबोरेटरी का इनोवेशन अचीवमेंट अवॉर्ड और फुलब्राइट स्पेशलिस्ट स्कॉलर का सम्मान शामिल है।

 

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