नई दिल्ली में आयोजित क्वाड बैठक के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर। / X/@USAmbIndia
क्वाड बैठक को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सफल और उपयोगी बताया है। भारत में अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर के साथ गोर ने मार्को रूबियो की बात साझा की। बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में एस जयशंकर, पेनी वोंग, तोशिमित्सु मोतेगी के साथ हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद सफल और उपयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। रूबियो के अनुसार, क्वाड क्षेत्र में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक महत्वपूर्ण समूह बना हुआ है और यह आने वाले समय में भी क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए नई पहल करता रहेगा।
इससे पहले बैठक संपन्न होने के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूबियो ने कहा कि क्वाड अब सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करने वाला मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह साझेदारी अब ठोस कार्रवाई की दिशा की ओर अग्रसर है। उन्होंने मेजबानी के लिए भारत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया अब अपनी-अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए कई अहम वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
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अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि क्वाड देशों का सहयोग ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन, क्रिटिकल मिनरल्स, समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहा है। हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद इसकीअहमियत और बढ़ गई है। दुनिया जिस तरह नई भू-राजनीतिक चुनौतियों, आर्थिक दबाव और सुरक्षा संकटों का सामना कर रही है, उसमें क्वाड की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। यह साझेदारी अब केवल रणनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम देना है।
वहीं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि बैठक से तीन बड़े निष्कर्ष सामने आए। पहला, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री निगरानी बढ़ाने और समुद्री गतिविधियों की साझा जानकारी तैयार करने पर सहमति बनी। साथ ही बंदरगाह अवसंरचना पर विशेषज्ञ पैनल बनाने, फिजी में एक पायलट पोर्ट परियोजना और समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबलों पर सहयोग करने की योजना बनी।
दूसरा, क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया गया। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर भी हस्ताक्षर हुए। क्वाड इस क्षेत्र में समान सोच वाले अन्य देशों के साथ भी काम करेगा और तीसरा, इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई क्वाड पहल की घोषणा की गई। इसमें तकनीक, प्रबंधन, नीति, अंतरराष्ट्रीय बाजार विश्लेषण और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
बैठक से पहले एस. जयशंकर ने मेहमानों का स्वागत किया। एक फैमिली पिक्चर सेशन हुआ, फिर बैठक के दौरान क्वाड की विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र समेत आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
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