अमेरिकी सांसद चीन से खतरे पर चिंतित / @SenatorRisch/X
अमेरिका के वरिष्ठ सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने ताइवान से अपने रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि करने का आग्रह किया है। सांसदों ने चेतावनी दी कि यदि पूरक रक्षा बजट को आंशिक रूप से ही मंजूरी दी गई, तो चीन की आक्रामकता को रोकने के प्रयास कमजोर पड़ सकते हैं।
सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष जिम रिश, सीनेटर पीट रिकिट्स और क्रिस कून्स के साथ प्रतिनिधि सभा की सदस्य यंग किम और एमी बेरा ने ताइवान की संसद युआन के नेतृत्व को एक संयुक्त पत्र भेजा। इस पत्र पर अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा के 37 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
यह पत्र संसद अध्यक्ष हान कुओ-यू, समिति अध्यक्ष चेंग ली-वुन, हुआंग कुओ-चांग और कॉकस व्हिप केर चिएन-मिंग को संबोधित था। इसमें कहा गया कि ताइवान की रक्षात्मक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित पूरक बजट को केवल आंशिक रूप से वित्तपोषित करने पर विचार चिंता का विषय है।
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पत्र में अमेरिका-ताइवान संबंधों को साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, मजबूत आर्थिक संबंधों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित बताया गया। सांसदों ने ताइवान संबंध अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका ताइवान की सुरक्षा और आत्मरक्षा क्षमता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि, पत्र में यह भी कहा गया कि शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है और राष्ट्रीय शक्ति के सभी तत्वों का उपयोग कर रहा है। इसमें ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में नियमित घुसपैठ, मध्य रेखा पार करने की घटनाएं, मछली पकड़ने वाली नौकाओं को परेशान करना और समुद्र के भीतर केबल काटने जैसी कार्रवाइयों का जिक्र किया गया।
सांसदों ने अक्टूबर 2024, अप्रैल 2025 और दिसंबर 2025 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बड़े पैमाने के सैन्य अभ्यासों का हवाला देते हुए कहा कि ये कदम संभावित नाकेबंदी या आक्रमण की तैयारियों को दर्शाते हैं।
पत्र में कहा गया, “इस बिगड़ते खतरे के माहौल में अमेरिका और ताइवान दोनों को और अधिक कदम उठाने होंगे।” अमेरिकी सांसदों ने हथियारों की आपूर्ति में लंबित मामलों को जल्द निपटाने की प्रतिबद्धता जताई और ताइवान से भी रक्षा व्यय बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने ताइवान द्वारा सैन्य तैयारी, आरक्षित बलों और असममित रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की सराहना की, लेकिन चेतावनी दी कि राष्ट्रपति लाई द्वारा प्रस्तावित विशेष बजट के अनुरूप रक्षा खर्च में पर्याप्त वृद्धि के बिना यह प्रयास अपर्याप्त साबित हो सकता है।
ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और चीन की सैन्य आधुनिकीकरण प्रक्रिया को लेकर वॉशिंगटन में बढ़ती चिंताओं के बीच यह अपील की गई है।
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