बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन / X/@BDMOFA
बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने गुरुवार को अमेरिकी प्रशासन के उस फैसले को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, जिसमें बांग्लादेश को वीज़ा बॉन्ड सूची में शामिल किया गया है। स्थानीय मीडिया ने इस प्रतिक्रिया की जानकारी दी।
अमेरिका ने इस कदम के तहत बांग्लादेश और 24 अन्य देशों को शामिल किया है। इन देशों के नागरिकों को B1/B2 वीज़ा के लिए आवेदन करते समय $5,000, $10,000 या $15,000 तक का बॉन्ड जमा करना होगा। यह राशि वीज़ा इंटरव्यू के समय तय की जाती है और यह वीज़ा मिलने की गारंटी नहीं देती, लेकिन वीज़ा नियमों का पालन करने पर वापस कर दी जाती है।
हुसैन ने ढाका में पत्रकारों से कहा कि यह निर्णय केवल बांग्लादेश पर लागू नहीं है और यह आप्रवास संबंधी चुनौतियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए सामान्य है, लेकिन निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे हमें चोट पहुंचती है।”
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बांग्लादेश सहित कुल 38 देशों के नागरिक इस नई वीज़ा बॉन्ड नीति के तहत आते हैं। इस सूची में दक्षिण एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के देश शामिल हैं।
इस नीति का उद्देश्य अमेरिकी प्रशासन द्वारा आप्रवास नियंत्रण को कड़ा करना और वीज़ा ओवरस्टे को कम करना बताया गया है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इससे विकासशील देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका की यात्रा महंगी और कठिन हो जाएगी।
वीज़ा बॉन्ड जमा करने की प्रक्रिया केवल संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक प्रणाली Pay.gov के माध्यम से ही की जा सकती है और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की वेबसाइट का उपयोग नहीं किया जा सकता।
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