वीरास्वामी को बचाने की मुहिम। / Instagram/ veeraswamy.london
यूके के सबसे पुराने भारतीय रेस्टोरेंट और ब्रिटेन में भारतीय खाने-पीने की मशहूर जगह, 'वीरास्वामी' (Veeraswamy), अपनी जगह से हटाए जाने के मामले में 'क्राउन एस्टेट' (Crown Estate) के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
UK मीडिया की खबरों के मुताबिक, वीरास्वामी की मूल कंपनी 'MW Eat' 29 जून से शुरू होने वाली पांच दिन की सुनवाई में सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेगी।
यह भी पढ़ें: जहां गांधी ने खाया था खाना, लंदन के मशहूर ‘वीरास्वामी’ रेस्टोरेंट पर खतरा
यह विवाद लंदन की रीजेंट स्ट्रीट पर मौजूद 'विक्टोरिया हाउस' के रीडेवलपमेंट (फिर से बनाने) की क्राउन एस्टेट की योजनाओं से शुरू हुआ है, जहां यह रेस्टोरेंट 1926 से चल रहा है। एस्टेट का कहना है कि 2023 में बाढ़ के बाद इमारत की ऊपरी मंजिलें खाली हो गई थीं, जिसके बाद वे वहां ऑफिस स्पेस का बड़े पैमाने पर नवीनीकरण (refurbishment) करना चाहते हैं।
रीडेवलपमेंट में ऑफिस के किराएदारों के लिए एक बड़ा रिसेप्शन एरिया बनाना भी शामिल है। एस्टेट का कहना है कि इसके लिए रेस्टोरेंट के एंट्री एरिया में बदलाव करने की जरूरत है।
MW Eat का तर्क है कि वीरास्वामी को जगह खाली करने के लिए मजबूर किए बिना भी नवीनीकरण का काम किया जा सकता है। कंपनी ने इसके लिए कुछ विकल्प भी सुझाए हैं, जैसे कि नए डिजाइन किए गए एंट्री एरिया को साझा करना। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसने रीडेवलपमेंट के बाद ऑफिस से होने वाली संभावित किराए की कमाई के बराबर रकम देने का प्रस्ताव भी दिया था।
यह मामला वीरास्वामी की लीज (पट्टे की अवधि) खत्म होने के बाद सामने आया है। कोर्ट में विवाद चलने के बावजूद रेस्टोरेंट अभी भी उसी जगह पर चल रहा है।
अप्रैल 1926 में एडवर्ड पामर द्वारा शुरू किया गया वीरास्वामी, ब्रिटेन का सबसे पुराना भारतीय रेस्टोरेंट माना जाता है जो आज भी चल रहा है। इसने ब्रिटिश लोगों को भारतीय खाने से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
रीजेंट स्ट्रीट पर स्थित इस रेस्टोरेंट को 2016 में मिशेलिन स्टार मिला था। यहां विंस्टन चर्चिल, चार्ली चैपलिन, मार्लन ब्रांडो, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय जैसी कई मशहूर हस्तियां आ चुकी हैं।
हाल के महीनों में इस विवाद ने लोगों का ध्यान खींचा है। रेस्टोरेंट को बचाने के लिए समर्थकों ने अभियान भी चलाए हैं, क्योंकि कई लोग इसे ब्रिटेन की पाक-कला और बहु-सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा मानते हैं। इस साल की शुरुआत में, रेस्टोरेंट को बचाने की अपील वाली एक याचिका पर हजारों लोगों ने हस्ताक्षर किए थे।
कोर्ट का फैसला UK के सबसे ऐतिहासिक भारतीय रेस्टोरेंट में से एक के भविष्य को तय कर सकता है, क्योंकि यह रेस्टोरेंट अब अपनी स्थापना के 100 साल पूरे करने की ओर बढ़ रहा है।
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login