भारत आए जेडी वेंस और उनके परिवार का प्रधानमंत्री मोदी स्वागत करते हुए / X/ narendramodi
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री संग बिताए पलों को अमेरिकी दूतावास ने फिर याद किया है। इसमें उस बयान का जिक्र है जिसमें समृद्धि, शांति और बातचीत पर जोर दिया गया था।
अप्रैल 2025 में भारत दौरे के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साझी सोच और मजबूत साझेदारी की भावना को व्यक्त करते हुए कहा था कि अगर भारत और अमेरिका मिलकर काम करते हैं, तो दुनिया एक समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य की ओर बढ़ सकती है। दोनों 21वीं सदी की वैश्विक दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
उनका यह बयान केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं था, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी का संकेत भी था। पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने से लेकर उभरती तकनीकों में सहयोग तक, दोनों देश कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर साथ खड़े नजर आते हैं।
अपनी उस यात्रा के दौरान राजस्थान के जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए (22 अप्रैल 2025) वेंस ने भारत-अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों पर बात की थी। उन्होंने कहा, “अब हम यहां यह उपदेश देने के लिए नहीं हैं कि आप किसी एक खास तरीके से काम करें। पहले भी कई बार वॉशिंगटन ने प्रधानमंत्री मोदी के पास उपदेश देने के दृष्टिकोण से ही संपर्क किया है।” उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा था कि पिछली सरकारें भारत को कमतर आंकती थीं और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की तारीफ करते हुए लोकतांत्रिक दुनिया में सबसे लोकप्रिय करार दिया था।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करने के एक दिन बाद वेंस ने पीएम मोदी की लोकप्रियता की भी सराहना की थी और कहा कि उन्हें उनकी रेटिंग से जलन होती है।
बता दें कि दोनों देशों के बीच व्यावसायिक रिश्तों में पिछले एक साल में काफी उतार चढ़ाव दिखा फिर भी आपसी रिश्ते सहज रहे। फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नया मोड़ दिया, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क 18 फीसदी तक सीमित कर दिया गया। 2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार रिकॉर्ड 132.2 बिलियन डॉलर से अधिक रहा। यह समझौता ऊर्जा, तकनीक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है।
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