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मुंबई आतंकी हमला : अमेरिका ने कहा- न्याय का सामना करने के लिए राणा भारत प्रत्यर्पित

विदेश विभाग की प्रवक्ता ब्रूस ने कहा कि अमेरिका ने इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का लंबे समय से समर्थन किया है।

 एनआईए की हिरासत में तहव्वुर राणा। एनआईए की हिरासत में तहव्वुर राणा। / NIA, India

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा को 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले की योजना बनाने में उसकी भूमिका के लिए न्याय का सामना करने की खातिर भारत प्रत्यर्पित किया गया है। ट्रम्प प्रशासन ने उसे नई दिल्ली में एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किए जाने के कुछ घंटों बाद यह बात कही। 

विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बताया कि 9 अप्रैल को संयुक्त राज्य अमेरिका ने तहव्वुर हुसैन राणा को 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों की योजना बनाने में उसकी भूमिका के लिए न्याय का सामना के वास्ते भारत प्रत्यर्पित किया है। ब्रूस ने भयानक आतंकवादी हमले की रिपोर्ट भी याद दिलाई।

यह भी पढ़ें : अमेरिका ने मुंबई हमलों के संदिग्ध के प्रत्यर्पण को दी मंजूरी, राष्ट्रपति ट्रम्प ने किया ऐलान

ब्रूस ने कहा कि हो सकता है कि देखने वाले कुछ लोगों को ये याद न हों लेकिन मैं आपको उन्हें देखने और यह पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करती हूं कि यह कितना भयानक था और आज की स्थिति का क्या महत्व है। इन हमलों के परिणामस्वरूप छह अमेरिकियों सहित 166 लोगों की दुखद मृत्यु हुई, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। 

ब्रूस ने कहा कि अमेरिका ने इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाने के भारत के प्रयासों का लंबे समय से समर्थन किया है। और जैसा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है अमेरिका और भारत आतंकवाद के वैश्विक संकट से निपटने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे। वह (राणा) उनके कब्जे में है और हमें इस गतिशीलता पर बहुत गर्व है।

64 वर्षीय राणा को लॉस एंजेलिस से एक विशेष विमान से नई दिल्ली भेजा गया। अमेरिका में उसे लॉस एंजेलिस के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। गुरुवार को राणा भारत पहुंचा था। 

गुरुवार को ही भारत की राष्ट्रीय जांच एसेंजी (NIA) ने उसे दिल्ली की एक विशेष अदालत में पेश किया था। विशेष अदालत ने राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है। NIA ने अदालत से राणा की 20 दिन की रिमांड मांगी थी। 



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