गुरपतवंत सिंह पन्नू / IANS
खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने उत्तर पूर्वी भारत में ट्रम्प लैंड बनाने की मांग की है। यह मांग क्रिसमस समारोह के दौरान भारत के कई हिस्सों से धार्मिक हिंसा की घटनाओं के बाद उठी है, जिसमें कुछ चरमपंथी समूहों ने समारोहों में बाधा डाली और हिंसा को रोकने के उद्देश्य से हिंसा की।
इस संगठन को भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया है। संगठन नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश में एक संरक्षित ईसाई मातृभूमि गलियारे की मांग करता है।
SFJ के अनुसार, इससे ईसाइयों को एक सुरक्षित स्थान मिलेगा। SFJ के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बयान में कहा कि पूजा स्थलों को जलाने की शुरुआत 1984 के सिख नरसंहार के दौरान हुई थी, जब हजारों गुरुद्वारों को जला दिया गया था। आज भी यही सिलसिला जारी है- मणिपुर से लेकर भारत के अन्य हिस्सों तक चर्चों के साथ।
पन्नू ने यह भी आरोप लगाया कि यह उत्पीड़न सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक शाखा आरएसएस द्वारा वैचारिक रूप से प्रेरित है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प से अपील करते हुए पन्नू ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प, जिन्होंने अभी-अभी नाइजीरिया में ISIS के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है, को मोदी सरकार के शासन में हिंसा का सामना कर रहे ईसाइयों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
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