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प्रणय वर्मा बेल्जियम में भारत के अगले राजदूत नियुक्त, यूरोपीय यूनियन में भी मान्यता

यह नियुक्ति यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक अहम समय पर हुई है। खासकर जनवरी में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद।

प्रणय वर्मा / IANS

भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को वरिष्ठ राजनयिक प्रणय वर्मा को बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी मान्यता मिलेगी। 

एक प्रेस रिलीज में विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1994 बैच के आईएफएस अधिकारी प्रणय वर्मा अभी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त हैं, उन्हें बेल्जियम में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। उन्हें यूरोपीय यूनियन में भी भारत का राजदूत नियुक्त किया जाएगा। उम्मीद है कि वह जल्द ही यह काम संभाल लेंगे।

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प्रणय वर्मा से पहले इस पद की जिम्मेदारी सौरभ कुमार संभाल रहे थे। उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपना कार्यकाल पूरा किया था। ब्रसेल्स में अपनी पोस्टिंग के दौरान सौरभ कुमार को यूरोपीय यूनियन और लक्जमबर्ग में भी मान्यता प्राप्त राजदूत के तौर पर मान्यता दी गई थी।

यह नियुक्ति यूरोप के साथ भारत के जुड़ाव के लिए एक अहम समय पर हुई है। खासकर जनवरी में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद।

इस समझौते से 90 फीसदी से ज्यादा टैरिफ में कटौती करके द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसमें वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई से जुड़ा व्यापार शामिल है। इस समझौते से भारतीय एक्सपोर्ट ज्यादा कॉम्पिटिटिव होने की संभावना है। साथ ही भारत में ऑटोमोबाइल और वाइन जैसे यूरोपीय सामानों की लागत भी कम होगी।

अधिकारियों का कहना है कि प्रणय वर्मा की नई भूमिका यूरोपीय पार्लियामेंट के जरिए समझौते को आगे बढ़ाने में अहम होगी। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मंजूरी से पहले मुश्किल कानूनी जांच और 27 भाषाओं में अनुवाद शामिल है।

1948 में बनी ब्रसेल्स में भारत की एम्बेसी एक अहम डिप्लोमैटिक हब के तौर पर काम करती है और इसे बेल्जियम, लक्जमबर्ग और यूरोपीय संघ से मान्यता मिली हुई है। प्रणय वर्मा की पोस्टिंग उन्हें इस इलाके के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक जुड़ाव के केंद्र में रखेगी।

1994 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी प्रणय वर्मा के पास तीन दशकों से ज्यादा का राजनयिक अनुभव है, जिसमें वियतनाम में राजदूत के तौर पर उनका पिछला कार्यकाल भी शामिल है। पश्चिम एशिया में उनकी विशेषज्ञता को भी एक एसेट के तौर पर देखा जाता है, क्योंकि भारत अपनी वैश्विक साझेदारी को बढ़ाना चाहता है।

अभी बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे वर्मा, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में भी सक्रिय रहे हैं।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय ने इस हफ्ते की शुरुआत में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी और आपसी हितों के आधार पर सकारात्मक, संरचनात्मक और लोगों पर केंद्रित संबंध बनाने की भारत की मंशा बताई।

यह मीटिंग ढाका में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद दोनों देशों द्वारा संबंध फिर से बनाने की कोशिशों के बीच हुई है, जिसमें ब्रसेल्स में अपना नया पद संभालने से पहले अहम डिप्लोमैटिक कामों को संभालने में वर्मा की भूमिका पर जोर दिया गया है।

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