शेख हसीना / IANS
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को अपने देश के कुछ नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मौत के लिए उन्हें और उनकी पार्टी अवामी लीग को जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है।
आईएएनएस को दिए एक विशेष ई-मेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में बांग्लादेश को गरिमा की जरूरत है, न कि विभाजन की।
उन्होंने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश के राजनीतिक जीवन के लिए एक गहरी क्षति है। भले ही हम राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी रहे हों, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका और देश के लिए उनके योगदान से इनकार नहीं किया जा सकता। मैं उनके परिवार और शोक संतप्त लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं।”
शेख हसीना ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह दावा कि मैं उनकी मौत के लिए जिम्मेदार हूं, पूरी तरह असत्य है। किसी की मौत को इस तरह राजनीतिक रंग देना सच्चाई की जगह आरोपों को स्थापित करने की चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है। ऐसे समय में बांग्लादेश को गरिमा चाहिए, न कि राजनीतिक टकराव।”
गौरतलब है कि बीएनपी की चेयरपर्सन और तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह 80 वर्ष की थीं। अगले दिन उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य नज़रुल इस्लाम खान ने पार्टी की ओर से एक लिखित बयान पढ़ते हुए आरोप लगाया कि खालिदा जिया को 8 फरवरी 2018 से “झूठे मामले” में दो साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया और उचित चिकित्सा न मिलने के कारण उनकी सेहत “गंभीर रूप से बिगड़ गई।” यह बयान मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस, सशस्त्र बलों के प्रमुखों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी में दिया गया।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, नज़रुल इस्लाम खान ने कहा, “देश ने देखा कि जो नेता पैदल चलकर जेल में गईं, वह एकांत कारावास से गंभीर रूप से बीमार हालत में बाहर आईं।”
इससे पहले, 30 दिसंबर को शेख हसीना ने खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे बांग्लादेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया था। अवामी लीग के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा था, “बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में और लोकतंत्र स्थापित करने के संघर्ष में उनकी भूमिका के लिए उनके योगदान को याद रखा जाएगा। उनका निधन बांग्लादेश के राजनीतिक जीवन और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेतृत्व के लिए गहरा नुकसान है।”
उन्होंने खालिदा जिया के परिवार, उनके बेटे तारिक रहमान और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति भी संवेदना व्यक्त की थी और कहा था कि ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें।
आईएएनएस से बातचीत में बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने भी कहा कि शेख हसीना ने अपने कार्यकाल के दौरान यह सुनिश्चित किया था कि खालिदा जिया को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं मिलें।
उन्होंने कहा, “वास्तव में, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद खालिदा जिया की सेहत बिगड़ी। प्रधानमंत्री रहते हुए शेख हसीना ने देश के शीर्ष अस्पतालों में से एक में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं, विदेशी डॉक्टरों को बुलवाकर उनका इलाज और सर्जरी करवाई, जिससे उन्हें नया जीवन मिला।”
चौधरी ने आगे कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद शेख हसीना ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और खालिदा जिया को जेल की कोठरी में नहीं, बल्कि घर पर रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई गईं।
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