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ब्रिटिश कोलंबिया की भारत के लिए ट्रेड मिशन की घोषणा, नए बाजारों की तलाश और कारोबार बढ़ाने पर जोर

बीसी के प्रीमियर डेविड एबी के अनुसार यह पांच दिवसीय व्यापारिक दौरा 12 जनवरी से शुरू होगा।

ब्रिटिश कोलंबिया की भारत के लिए ट्रेड मिशन की घोषणा / https://www.bcndp.ca

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) प्रांत ने स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश के उद्देश्य से भारत के लिए एक ट्रेड मिशन भेजने की घोषणा की है। बीसी के प्रीमियर डेविड एबी के अनुसार यह पांच दिवसीय व्यापारिक दौरा 12 जनवरी से शुरू होगा।

इस प्रतिनिधिमंडल में बीसी के जॉब्स एंड इकोनॉमिक ग्रोथ मंत्री रवि कहलोन भी शामिल होंगे। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नई दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में सरकारी और कारोबारी नेताओं से मुलाकात करेंगे।

वैंकूवर में मीडिया से बातचीत में प्रीमियर एबी ने कहा कि इस दौरे का मकसद कनाडा, खासकर ब्रिटिश कोलंबिया के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ से बीसी का वन उद्योग (फॉरेस्ट्री सेक्टर) बुरी तरह प्रभावित हुआ है, ऐसे में वैकल्पिक बाजारों की तलाश बेहद जरूरी हो गई है।

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ट्रेड मिशन का उद्देश्य भारत के साथ संबंधों को और गहरा करना भी है, क्योंकि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक तनावों के बीच व्यापार विविधीकरण को भी इस मिशन का अहम लक्ष्य बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल स्वच्छ ऊर्जा, खनन और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों के हितों की पैरवी भी करेगा।

रवि कहलोन ने कहा कि ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024 में दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत को होने वाले कनाडा के कुल निर्यात का करीब 25 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि बीसी में 12,000 टेक कंपनियां हैं और यहां देश का सबसे तेजी से बढ़ता लाइफ साइंसेज सेक्टर मौजूद है।

प्रीमियर डेविड एबी ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में एशिया के लिए किए गए एक ट्रेड मिशन के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। इनमें एलएनजी फेज-2 जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिन पर इस वर्ष अंतिम निवेश निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि भारत वर्तमान में अमेरिका, यूरोपीय संघ, जीसीसी देशों, न्यूजीलैंड, इजरायल, यूरेशिया, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और मर्कोसुर समूह सहित करीब 14 देशों और समूहों के साथ निष्पक्ष और संतुलित व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जो लगभग 50 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसके अलावा, राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन और 25,000 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन जैसी पहलें भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में समर्थन दे रही हैं।

इस दौरान प्रीमियर एबी ने वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के शासन के अंत का भी स्वागत किया।

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