श्री माताजी निर्मला देवी / Sahaja Yoga website
न्यू जर्सी के न्यू मिलफोर्ड शहर के मेयर माइकल पुट्रिनो ने आधिकारिक घोषणा करते हुए 21 मार्च को ‘श्री माताजी निर्मला देवी डे’ घोषित किया है।
‘श्री माताजी निर्मला देवी’ के नाम से मशहूर निर्मला श्रीवास्तव का जन्म 1923 में भारत के छिंदवाड़ा में हुआ था। उन्होंने सहजा योग की स्थापना की, जो एक वैश्विक मेडिटेशन आंदोलन है। इसका उद्देश्य आत्मिक बदलाव, बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य और एक उच्च शक्ति से जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देना है।
न्यू जर्सी में सहजा योग और इसकी संस्थापक निर्मला श्रीवास्तव के सम्मान में एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। इसका उद्घाटन न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट की मेजॉरिटी लीडर एंड्रिया स्टीवर्ट-कजिन्स ने किया। इस मौके पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के कॉन्सुल जनरल पियूष सिंह भी मौजूद रहे। कॉन्सुलेट जनरल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की झलकियां साझा करते हुए स्टीवर्ट-कजिन्स का भारतीय-अमेरिकी समुदाय के समर्थन के लिए धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी सहजा योग के मूल मूल्यों आध्यात्मिकता, आंतरिक शांति और सामंजस्य को दर्शाती है। अपने प्रोक्लेमेशन में मेयर पुट्रिनो ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक शांति एक मजबूत और संवेदनशील समाज के लिए बहुत जरूरी हैं। निर्मला श्रीवास्तव ने महात्मा गांधी के साथ काम किया और उनके विश्व शांति, मानव सम्मान और एकता के विचार को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
वह विश्व शांति, महिलाओं के उत्थान और आत्म-साक्षात्कार के लिए लगातार काम करती रहीं। उन्हें दो बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया और उनके सामाजिक व आध्यात्मिक योगदान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिले। मेयर ने लोगों से अपील की कि वे 21 मार्च को निर्मला श्रीवास्तव की विरासत को याद करें और उनकी 103वीं जयंती मनाएं।
उन्होंने अपने प्रोक्लेमेशन में कहा कि मैं माइकल पुट्रिनो न्यू मिलफोर्ड का मेयर 21 मार्च 2026 को ‘श्री माताजी निर्मला देवी डे’ घोषित करता हूं और सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे अपने विश्वास से परे इस दिन को ध्यान और वेलनेस गतिविधियों के जरिए मनाएं, ताकि समाज में शांति और सामंजस्य बढ़े।
निर्मला श्रीवास्तव ने 40 साल से ज्यादा समय तक सहजा योग का प्रचार किया। उन्होंने दुनिया भर में यात्रा की और लोगों को मुफ्त में सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए आत्म-साक्षात्कार का अनुभव कराया, चाहे उनका धर्म, जाति या परिस्थिति कुछ भी हो। सहजा योग आज 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। इसके अलावा उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए एक गैर-सरकारी संगठन भी शुरू किया, कई अंतरराष्ट्रीय स्कूल स्थापित किए, स्वास्थ्य केंद्र खोले जहां सहजा योग के जरिए इलाज किया जाता है, और एक आर्ट्स अकादमी भी बनाई, जहां नृत्य, संगीत और पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा दिया जाता है।
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