पीएम मोदी, ईयू नेता एंटोनियो कोस्टा, उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने फ्रांस में बातचीत की / YouTube/NarendraModi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
नेताओं ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन को याद किया और दोनों पक्षों के बीच संबंधों में हुई मजबूत प्रगति का स्वागत किया।
इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोस्टा और लेयेन के साथ अपनी मुलाकात को 'बहुत शानदार' बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत में आर्थिक संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईयू के बीच बढ़ता सहयोग आज के वैश्विक माहौल में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज एवियन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलना बहुत अच्छा रहा। इस साल की शुरुआत में भारत को गणतंत्र दिवस समारोह में उनकी मेजबानी करने का मौका मिला था। यह भारत-ईयू संबंधों के लिए बहुत अच्छा समय रहा है, क्योंकि हमने मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पूरा कर लिया है। बातचीत में आने वाले समय में आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। भारत और ईयू का बढ़ता सहयोग आज की दुनिया में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।"
एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि भारत और ईयू इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) को आगे बढ़ाकर बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे।
कोस्टा ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रिय नरेंद्र मोदी, आपसे इतनी जल्दी दोबारा मिलना खुशी की बात है। हमने दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक को पूरा किया है और अब अपनी प्रतिबद्धताओं को तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम साल के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे और निवेश समझौते पर काम तेज करेंगे। हम सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी बढ़ाएंगे। साथ ही आईएमईसी को आगे बढ़ाकर बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मिलकर काम करेंगे।"
बैठक के दौरान तीनों नेताओं ने आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, नेताओं ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए ऐतिहासिक 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन को याद किया और द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया। खासतौर पर भारत-ईयू एफटीए पूरा होने को एक बड़ी उपलब्धि बताया गया।
फ्रांस की अध्यक्षता में इस समय एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन चल रहा है। इस साल भारत की जी-7 में 13वीं भागीदारी है, और प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार वार्ता एक बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ पूरी हुई। भारत-ईयू एफटीए की बातचीत 27 जनवरी को नई दिल्ली में हुए 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान खत्म हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी, उर्सुला वॉन डेर लेयेन और अन्य नेताओं ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए 'सभी समझौतों में सबसे बड़ा समझौता' कहा था।
एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस साल भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी रहे।
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