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लापता भारतवंशी छात्रा सुदिक्षा कोनांकी की तलाश के लिए इंटरपोल का अलर्ट

भारतीय मूल की 20 वर्षीय छात्रा सुदिक्षा कोनांकी के लिए इंटरपोल ने येलो नोटिस जारी किया है।

 वर्जीनिया के लॉडौन काउंटी की रहने वाली कोनांकी यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग की छात्रा हैं।  वर्जीनिया के लॉडौन काउंटी की रहने वाली कोनांकी यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग की छात्रा हैं। / Image- X

इंटरपोल ने डोमिनिकन रिपब्लिक में स्प्रिंग ब्रेक ट्रिप के दौरान लापता हुई भारतीय मूल की 20 वर्षीय छात्रा सुदिक्षा कोनांकी के लिए येलो नोटिस जारी किया है।

यह नोटिस आमतौर पर अस्पष्ट हालात में लापता हुए लोगों को खोजने के लिए जारी किया जाता है ताकि देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसकी तलाश कर सकें।  

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वर्जीनिया के लॉडौन काउंटी की रहने वाली कोनांकी यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग की छात्रा हैं। वह 3 मार्च को पांच अन्य कलीग्स के साथ पंटा काना घूमने गई थीं। 6 मार्च को सुबह 4:15 बजे उन्हें आखिरी बार रियू रिपब्लिका होटल के पास समुद्र तट की ओर जाते देखा गया था। वह कुछ लोगों के साथ थीं। 

उसी शाम उनके दोस्तों ने कोनांकी के लापता होने की खबर दी। होटल प्रशासन ने बयान में बताया कि उनकी गुमशुदगी के समय होटल में बिजली गुल हो गई थी जिससे कई गेस्ट समुद्र तट की ओर चले गए थे।  

लॉडौन काउंटी शेरिफ ऑफिस (LCSO) ने 24 वर्षीय जोशुआ रीबे को इस मामले में पर्सन ऑफ इंट्रेस्ट घोषित किया है क्योंकि कोनांकी को आखिरी बार उन्हीं के साथ देखा गया था। हालांकि अधिकारियों ने अभी इसे आपराधिक जांच नहीं माना है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रीबे ने उस रात की घटनाओं को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं। कभी उन्होंने कहा कि वह बीमार हो गए थे और किनारे लौट आए तो कभी उन्होंने कहा कि वह बीच पर सो गए थे। एक तीसरी कहानी में उन्होंने बताया कि उन्होंने कोनांकी को घुटनों तक पानी में अकेला छोड़ दिया था।  

डोमिनिकन अधिकारियों और सेना ने रिज़ॉर्ट के पास तट पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अमेरिकी कोस्ट गार्ड से भी समुद्र में खोजबीन के लिए सहायता मांगी गई है। डोमिनिकन गणराज्य के राष्ट्रपति लुइस अबिनादेर ने इस मामले पर चिंता जताई है। 

कोनांकी की तलाश में FBI भी शामिल हो गई है और डोमिनिकन पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। दो LCSO डिटेक्टिव्स भी मदद के लिए डोमिनिकन गणराज्य पहुंच गए हैं। कोनांकी का परिवार जो उनकी तलाश में डोमिनिकन रिपब्लिक गया था, अब वर्जीनिया लौट आया है। 

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