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सिएटल में आयोजित हुआ ‘मैंगो मैजिक’, भारतीय आमों का स्वाद चखा अमेरिकी बाजार ने

प्रदर्शित आमों में महाराष्ट्र के अल्फांसो और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली और हिमायत, उत्तर प्रदेश के लंगड़ा और दशहरी व गुजरात के राजापुरी आम शामिल थे।

 इंडियन मैंगो मैजिक फेस्टिवल में U.S. के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट से आए गणमान्य इंडियन मैंगो मैजिक फेस्टिवल में U.S. के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट से आए गणमान्य / CGI Seattle

सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने 5 जून को ‘मैंगो मैजिक’ प्रचार और चखने के कार्यक्रम का दूसरा संस्करण आयोजित किया। इस कार्यक्रम में भारतीय फलों के लगभग 100 प्रमुख आयातकों और अमेरिकी रिटेल दिग्गज कॉस्टको के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने भारत की सात प्रीमियम आम किस्मों का स्वाद चखा।

प्रदर्शित आमों में महाराष्ट्र के अल्फांसो और केसर, आंध्र प्रदेश के बंगनपल्ली और हिमायत, उत्तर प्रदेश के लंगड़ा और दशहरी व गुजरात के राजापुरी आम शामिल थे।

कार्यक्रम में वॉशिंगटन राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर डेनी हेक भी मौजूद रहे। उन्होंने वॉशिंगटन में भारतीय आमों की विभिन्न किस्मों के आगमन का स्वागत किया और विशेष रूप से कॉस्टको जैसे बड़े खुदरा स्टोरों में उनकी उपलब्धता की सराहना की।

इसके अलावा वॉशिंगटन राज्य की सीनेटर टीना ऑरवेल, मनका ढींगरा और वंदना स्लैटर भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। जापान और उज्बेकिस्तान के महावाणिज्य दूतों ने भी इस आम महोत्सव में भाग लिया। सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास जुलाई 2025 से भारतीय आमों की अधिक किस्मों को अमेरिकी बाजार में पहुंचाने के प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों को अप्रैल 2026 में कॉस्टको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ हुई बैठक के बाद नई गति मिली।

इसके बाद कॉस्टको ने महाराष्ट्र के ‘भगवा’ अनार बेचना शुरू किया और फिर मई 2026 में केसर आम अपने स्टोरों में उपलब्ध कराए। पिछले महीने भारत से आयात किए गए केसर आमों की पहली खेप कॉस्टको के ग्रेटर सिएटल, लास वेगास, न्यू जर्सी और ग्रेटर लॉस एंजिलिस स्थित स्टोरों में बेची गई।

कॉस्टको के प्रतिनिधियों के अनुसार, ये आम स्टोर में पहुंचने के दो घंटे के भीतर ही बिक गए जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के बीच उनकी मजबूत मांग का पता चलता है। 

भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक बयान में कहा कि भारत दुनिया में आमों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहां हर साल 2.6 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक आम पैदा होते हैं और देश में आम की 1,000 से अधिक किस्में पाई जाती हैं।

भारत से अमेरिका को आमों का निर्यात 18 वर्ष के अंतराल के बाद 2007 में फिर शुरू हुआ था। वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय आमों का निर्यात मूल्य 1 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया जो पिछले वर्ष की तुलना में 130 प्रतिशत अधिक था।

वर्ष 2025 में अमेरिकी आम आयात बाजार का आकार 1 अरब डॉलर से अधिक हो गया और इसके आगे भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

हाल ही में अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय आमों की विविधता का उल्लेख करते हुए उन किसानों की सराहना की थी जो गांवों से इन फलों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचा रहे हैं।

एपीडा यानी कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित ‘मैंगो मैजिक’ कार्यक्रम में सातों आम किस्मों से तैयार विशेष भारतीय व्यंजनों का भोज भी रखा गया।

इस आयोजन का उद्देश्य अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक भारतीय आमों को पहुंचाना और उनकी लोकप्रियता बढ़ाना था।
 

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