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पूर्वी चीन में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों से मिले भारत के महावाणिज्यदूत

बैठक में भारत की तेज आर्थिक प्रगति, क्षेत्रीय विकास में उसकी बढ़ती भूमिका तथा मजबूत और विविध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण में उसके योगदान पर चर्चा की गई।

 भारतीय समुदाय के साथ बैठक भारतीय समुदाय के साथ बैठक / Handout

शंघाई में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने 3 जून को पूर्वी चीन में भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों के साथ कई बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में सांस्कृतिक संबंधों, आर्थिक सहयोग और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

इन मुलाकातों में व्यापार जगत, सांस्कृतिक क्षेत्र और भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में भारत की सक्रिय पहुंच और विभिन्न हितधारकों के साथ उसके निरंतर संवाद को दर्शाता है। वेसाक पर्व के अवसर पर महावाणिज्यदूत माथुर ने नई दिल्ली के दो बौद्ध भिक्षुओं विकास कुमार और हर्ष कुमार से मुलाकात की जो वर्तमान में नानजिंग में अध्ययन कर रहे हैं।

माथुर ने दोनों भिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं और इस अवसर पर भारत और चीन के बीच बौद्ध विरासत के माध्यम से बने ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों पर भी चर्चा हुई। महावाणिज्यदूत ने फोर्ब्स चाइना के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विकास प्रमुख चिक चुन मिंग से भी मुलाकात की।

बैठक में भारत की तेज आर्थिक प्रगति, क्षेत्रीय विकास में उसकी बढ़ती भूमिका तथा मजबूत और विविध वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण में उसके योगदान पर चर्चा की गई। एक अन्य बैठक में माथुर ने योंगकांग स्थित एक स्टेनलेस स्टील कंपनी के संस्थापक एवं निदेशक झांग मी से बातचीत की।

इस दौरान भारतीय बाजार के बढ़ते महत्व, वैश्विक विनिर्माताओं के लिए उपलब्ध अवसरों और भारत की हरित विकास पहलों से पैदा हो रही संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। महावाणिज्यदूत ने यीवू स्थित केरलम कमेटी के अध्यक्ष निरोस परम्बाथकांडी से भी मुलाकात की।

दोनों के बीच भविष्य में सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई। साथ ही भारतीय समुदाय के भीतर आपसी संबंधों को मजबूत करने और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।

भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार इन बैठकों ने पूर्वी चीन में भारत के मित्रों, व्यापारिक नेताओं, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के साथ भारत की निरंतर सहभागिता को रेखांकित किया। ये मुलाकातें उस कार्यक्रम के कुछ दिनों बाद हुईं जिसमें 31 मई को प्रतीक माथुर ने शंघाई के ऐतिहासिक जेड बुद्ध मंदिर में आयोजित वेसाक समारोह का उद्घाटन किया था।

इस कार्यक्रम में 1,000 से अधिक श्रद्धालुओं, बौद्ध विद्वानों और धर्मगुरुओं ने भाग लिया था और भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति तथा महापरिनिर्वाण का स्मरण किया गया था। मंदिर यात्रा के दौरान महावाणिज्यदूत ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी भाग लिया।

इस कार्यक्रम का मुख्य विषय समग्र स्वास्थ्य और कल्याण था, जिसमें योग, ध्यान और बौद्ध दर्शन की उन साझा परंपराओं को रेखांकित किया गया जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं।
 

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