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फिनलैंड में भारतीय टैलेंट का दबदबा, 34% स्पेशलिस्ट भारत से

रिपोर्ट में बताया गया कि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच फिनलैंड ने भारतीय पेशेवरों को करीब 300 पहली बार स्पेशलिस्ट रेजिडेंस परमिट जारी किए।

एआई तस्वीर। / pexels

फिनलैंड में वर्ष 2025 के दौरान स्पेशलिस्ट स्तर पर काम करने के लिए जाने वाले विदेशी प्रोफेशनल्स में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत रही। 7 जनवरी को जारी बिजनेस फिनलैंड (फिनिश सरकार की संस्था) की रिपोर्ट के मुताबिक, टेक और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े भारतीय विशेषज्ञों को नोकिया, कोने, वार्टसिला, एचसीएल, इंफोसिस और टीसीएस जैसी प्रमुख कंपनियों में रोजगार मिला।

रिपोर्ट में बताया गया कि जनवरी से नवंबर 2025 के बीच फिनलैंड ने भारतीय पेशेवरों को करीब 300 पहली बार स्पेशलिस्ट रेजिडेंस परमिट जारी किए। इसके साथ ही फिनलैंड में रहने वाले भारतीयों की कुल संख्या अब 20,000 से अधिक हो चुकी है।

बिजनेस फिनलैंड के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच फिनलैंड को 7,641 वर्क-बेस्ड रेजिडेंस परमिट के लिए पहली बार सकारात्मक आवेदन मिले, जिनमें लगभग 10 प्रतिशत आवेदन भारतीयों के थे। संस्था ने भारतीय आवेदनों की लगातार ऊंची संख्या को फिनलैंड के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।

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रिपोर्ट में कहा गया, “भारतीय पेशेवरों की रुचि वर्षों से लगातार बनी हुई है। स्पेशलिस्ट परमिट आईटी टैलेंट के लिए सरल प्रक्रियाओं और जीवनसाथी व परिवार के लिए बेहतर सुविधाओं को दर्शाते हैं।”

फिनलैंड का तेजी से बढ़ता टेक्नोलॉजी सेक्टर और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, अंग्रेज़ी बोलने वाले भारतीय टॉप टैलेंट के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहा है।

बिजनेस फिनलैंड की सीनियर डायरेक्टर लॉरा लिंडेमन ने कहा, “हमारा लक्ष्य रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) में लगातार निवेश बढ़ाना है। फिनलैंड ने 2030 तक RDI पर खर्च को जीडीपी के 4 प्रतिशत तक ले जाने का राष्ट्रीय लक्ष्य तय किया है।”

रिपोर्ट में बताया गया कि टेक प्रोफेशनल्स के लिए फिनलैंड में कई सहायक उपाय किए गए हैं, जिनमें रिक्रूटमेंट फीस की छूट, उचित वेतन की शर्तें और डिजिटल रिलोकेशन प्रक्रिया शामिल हैं, जिससे रेजिडेंस परमिट लेना आसान हो जाता है।

इसके अलावा, ईयू सह-वित्तपोषित ‘डिस्कवर फिनलैंड प्रोजेक्ट’ (2024–2027) के तहत मुफ्त ई-लर्निंग, इंडस्ट्री-आधारित कोचिंग और वैश्विक आउटरीच इवेंट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बिजनेस फिनलैंड ने भारतीय प्रोफेशनल्स को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि नौकरी पाने के लिए किसी भी बिचौलिए को पैसे न दें, क्योंकि आवेदकों से कोई रिक्रूटमेंट फीस नहीं ली जाती। उम्मीदवारों को संभावित नियोक्ताओं की अच्छी तरह जांच करने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि उनका अनुभव नौकरी की आवश्यकताओं से मेल खाता हो।

रिपोर्ट के अनुसार, इच्छुक भारतीय प्रतिभाएं अप्रैल 2026 में होने वाले ग्रेट इंटरनेशनल डेवलपर समिट (GIDS) में सीधे फिनलैंड के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकती हैं, जहां फिनलैंड की टीम मौजूद रहेगी।

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