सौरभ मुखर्जी / Raj Shamani via YouTube
मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी सौरभ मुखर्जी ने दावा किया है कि अमेरिका में भारतीय समुदाय को अक्सर ‘सॉफ्ट टारगेट’ के तौर पर देखा जाता है और देश की कई समस्याओं का दोष उन्हीं पर मढ़ दिया जाता है। उनके मुताबिक, यही बलि का बकरा बनाने (स्केपगोटिंग) की राजनीति अमेरिका में भारतीय-विरोधी भावनाओं को हवा देती है।
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राज शमानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सौरभ मुखर्जी ने कहा, “बलि का बकरा बनाए जाने वाले लोग असल में शक्तिशाली नहीं होते। वे दिखने में सफल, समाज में बेहद नजर आने वाले, लेकिन राजनीतिक रूप से कमजोर और आसानी से निशाना बनाए जा सकने वाले होते हैं।”
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