ला कार्लोटा सैन्य हवाई अड्डे पर नष्ट हुए वाहन / REUTERS/Leonardo Fernandez Viloria
3 जनवरी को वेनेजुएला में की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भारतीय-अमेरिकी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस मुद्दे पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन नेताओं के बीच साफ मतभेद दिखाई दे रहे हैं। जहां डेमोक्रेट नेताओं ने कार्रवाई की वैधता, उद्देश्य और इसके दूरगामी असर पर सवाल उठाए हैं, वहीं रिपब्लिकन नेताओं ने इसे मादुरो सरकार के खिलाफ जरूरी कदम बताया है।
वर्जीनिया से डेमोक्रेट सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कार्रवाई को अवैध बताते हुए प्रशासन से स्पष्ट योजना पूछी। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी कानून के दायरे से बाहर है।
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प्रोग्रेसिव सांसद प्रमिला जयपाल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भले ही मादुरो की वैधता पर सवाल हों, लेकिन इससे अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी दूसरे देश पर हमला करने या वहां के नेता को जबरन हटाने का अधिकार नहीं मिल जाता। जयपाल ने इस कदम को असंवैधानिक बताते हुए चेतावनी दी कि इससे क्षेत्र और अधिक अस्थिर हो सकता है।
Today's military action in Venezuela and the kidnapping of Maduro was illegal. What's the plan? pic.twitter.com/eeffLVWdmE
— Rep. Suhas Subramanyam (VA-10) (@RepSuhas) January 3, 2026
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