यूएस सुप्रीम कोर्ट / REUTERS/Will Dunham/File Photo
अमेरिका के कई भारतीय मूल के सांसदों ने 20 फरवरी को आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को अवैध करार दिया गया। सांसदों ने इसे कार्यपालिका की शक्तियों पर संवैधानिक सीमा की पुनः पुष्टि बताया।
6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 1977 का यह कानून राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना व्यापक आयात कर लगाने का अधिकार नहीं देता।
कैलिफोर्निया से सांसद रो खन्ना ने कहा, “आज सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी राष्ट्रपति संविधान से ऊपर नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने इस कानून का दुरुपयोग कर कामकाजी अमेरिकियों पर “छिपे हुए कर” थोपे।
The Supreme Court made it clear today: no president is above the Constitution and no president gets to abuse emergency powers like IEEPA to slap hidden taxes on working Americans.
— Rep. Ro Khanna (@RepRoKhanna) February 20, 2026
Those tariffs weren’t about security — they were a tax on families and small businesses to…
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