सृष्टि के. सबरीनाथ को आलबोर्ग में एक साहित्यिक समारोह में डेनमार्क का 'चाइल्ड एंड यूथ बुकब्लॉगर ऑफ द ईयर' अवॉर्ड मिला। / X/@IndiainDenmark
केरल मूल की 13 वर्षीय भारतीय नागरिक सृष्टि के. सबरीनाथ को आलबोर्ग में आयोजित एक साहित्यिक समारोह में डेनमार्क का 'चाइल्ड एंड यूथ बुकब्लॉगर ऑफ द ईयर' चुना गया है। यह जानकारी X पर भारतीय दूतावास के 'IndiainDenmark' अकाउंट से जारी की।
डेनमार्क की पब्लिक लाइब्रेरीज द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार का फैसला पाठकों, बुक ब्लॉगर्स और साहित्यिक समुदाय के सदस्यों के वोटों के आधार पर किया जाता है। दूतावास के अनुसार, सबरीनाथ ने अपने बुक ब्लॉग के जरिए युवाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करके और डेनिश दर्शकों को भारतीय साहित्य और संस्कृति से परिचित कराकर भारत-डेनमार्क सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा दिया है। बुक ब्लॉगिंग के अलावा, वह 'Ungeråd KBH' के साथ एक युवा लीडर के तौर पर काम करती हैं और कोपेनहेगन यूथ काउंसिल की अध्यक्षता करती हैं।
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Congratulations to Srishti K. Sabarinath, a 13-year-old from Aalborg, on being honoured with the Child and Youth Bookblogger of the Year Award at a festival in Aalborg, Denmark. The award, organised by the Danish public libraries, is decided through votes cast by book enthusiasts… pic.twitter.com/Ol1731WnAR
— IndiainDenmark (@IndiainDenmark) July 3, 2026
'लास्ट वीक इन डेनमार्क' के अनुसार, सबरीनाथ पांच साल की उम्र में भारत से कोपेनहेगन चली गईं। उन्होंने एक डेनिश पब्लिक स्कूल में दाखिला लेने के बाद ब्लॉगिंग शुरू की, जहां वह अपनी क्लास में अकेली इंटरनेशनल स्टूडेंट थीं।
उन्होंने कोपेनहेगन की पब्लिक लाइब्रेरी को एक ऐसी जगह बताया है जहां उन्हें उस बदलाव के दौर में अपनापन महसूस हुआ; उनका कहना है कि उनके बुक ब्लॉग ने ही उनकी जिंदगी में सभी अच्छी चीजों की शुरुआत की। बच्चों की लाइब्रेरियन सिग्रिड ब्रिक्स ने युवा दर्शकों को प्रेरित करने का श्रेय सबरीनाथ के पढ़ने के शौक को दिया।
किताबों के रिव्यू करने के अलावा, सबरीनाथ ने पब्लिक लाइफ में युवाओं की भागीदारी की वकालत की है। कोपेनहेगन यूथ काउंसिल के जरिए, उन्होंने युवाओं के बीच छिपे हुए नस्लवाद और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जैसे मुद्दों पर काम किया है।
उन्होंने 'कोडिंग पाइरेट्स' और 'एडा लवलेस डे' (कंप्यूटिंग के क्षेत्र में महिलाओं का सम्मान करने वाली एक इंटरनेशनल पहल) के एंबेसडर के तौर पर STEM शिक्षा को भी बढ़ावा दिया है।
सबरीनाथ ने युवा मीडिया प्लेटफॉर्म 'हुलिगेन्नेम' (Huligennem) के लिए लगभग 50 इंटरव्यू किए हैं, जिनमें लेखकों और डेनमार्क के संस्कृति मंत्री के साथ बातचीत शामिल है। वह अंग्रेजी और डेनिश दोनों भाषाओं में कंटेंट बनाती हैं।
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