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कोलंबो पहुंचे भारतीय तटरक्षक जहाज, श्रीलंका से समुद्री सहयोग मजबूत करने की तैयारी

यह दौरा भारत की क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने, पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय बनाने और हिंद महासागर क्षेत्र में आपसी सद्भावना बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

भारतीय तटरक्षक जहाज / IANS File

भारतीय तटरक्षक बल के दो जहाजों ने श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर दौरा किया। ऑफशोर पेट्रोल वेसल आईसीजीएस वराह और फास्ट पेट्रोल वेसल आईसीसीजीएस अतुल्य 24 जनवरी 2026 को हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी विदेशी तैनाती के दौरान कोलंबो पहुंचे। 

यह दौरा भारत की क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने, पड़ोसी देशों के साथ बेहतर समन्वय बनाने और हिंद महासागर क्षेत्र में आपसी सद्भावना बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। भारतीय तटरक्षक बल नियमित रूप से ऐसे पोर्ट कॉल करता है ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग बढ़े।

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दौरे के दौरान दोनों जहाज श्रीलंका तटरक्षक के साथ पेशेवर चर्चा और बातचीत करेंगे। इन चर्चाओं का मुख्य फोकस समुद्री क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर होगा। विशेष रूप से समुद्री खोज और बचाव, समुद्री प्रदूषण से निपटना, समुद्री कानून प्रवर्तन और विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों की तटरक्षक एजेंसियों के बीच बेहतर समझ विकसित करना, अनुभव साझा करना और समुद्री चुनौतियों जैसे तस्करी, अवैध मछली पकड़ना, प्रदूषण या आपात बचाव जैसे मामलों में मिलकर प्रभावी तरीके से काम करना है। ऐसे दौरे से दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझती हैं और संयुक्त अभियानों में बेहतर तैयारी कर पाती हैं।

यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है, जहां समुद्री सुरक्षा सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण है। आईसीजीएस वराह और आईसीजीएस अतुल्य जैसे जहाज पहले भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों और तैनातियों में हिस्सा ले चुके हैं। श्रीलंका के साथ यह सहयोग भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों का हिस्सा है।

दोनों जहाजों का यह पोर्ट कॉल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय तटरक्षक बल की ऐसी पहलें न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत करती हैं, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद करती हैं।


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