joe lofgren / Wikimedia commons
अमेरिका में सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव और नफरत से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए एक नया कानून अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में दोनों पार्टियों का समर्थन हासिल कर रहा है। अमेरिकी संसद के निचले सदन में इस विधेयक को दोनों दलों का साथ मिल रहा है। कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद जो लोफग्रेन भी इसकी सह-प्रायोजक बन गई हैं।
इस प्रस्तावित कानून का नाम ‘सिख अमेरिकन एंटी-डिस्क्रिमिनेशन एक्ट 2025’ है, जिसे एच.आर. 7100 भी कहा जाता है। न्यू जर्सी के कांग्रेसी जोश गॉटहाइमर ने इस महीने की शुरुआत में यह बिल पेश किया था। अब इसे कैलिफ़ोर्निया की डेमोक्रेट और अमेरिकन सिख कांग्रेसनल कॉकस की वाइस चेयर लोफग्रेन का समर्थन मिल गया है।
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जो लोफग्रेन ने कहा कि अमेरिका में किसी भी धर्म के लोगों को पूजा करने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने माना कि सिख अमेरिकियों के खिलाफ भेदभाव और नफरत की घटनाएं बढ़ी हैं, इसलिए न्याय विभाग को इस मुद्दे पर गंभीर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, "मुझे सैन जोस में एक बड़े सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है, और मैं यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगी कि संघीय सरकार सिख विरोधी भेदभाव से लड़े।"
वहीं जोश गॉटहाइमर ने कहा कि यह कानून सिख परिवारों और समुदाय के नेताओं से सीधे बातचीत के बाद लाया गया है। उनके अनुसार, यह विधेयक सरकार को सिख समुदाय के खिलाफ होने वाले नफरत भरे अपराधों को पहचानने, दर्ज करने और रोकने में मजबूत बनाएगा, ताकि हर अमेरिकी बिना डर अपने धर्म का पालन कर सके।
उन्होंने कहा, "नॉर्थ जर्सी में सिख परिवारों और समुदाय के नेताओं से सीधे बात करने के बाद, यह साफ है कि कांग्रेस को निर्णायक कार्रवाई करनी होगी। यह कानून इस बात को मजबूत करेगा कि हमारी संघीय सरकार सिख विरोधी नफरत वाले अपराधों को कैसे परिभाषित करती है, ट्रैक करती है और रोकती है ताकि हर अमेरिकी अपने धर्म का स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से पालन कर सके।"
अगर यह कानून पारित हो जाता है, तो अमेरिकी न्याय विभाग में ‘सिख विरोधी भेदभाव पर कार्यबल’ बनाया जाएगा। यह कार्यबल सिख विरोधी नफरत की एक स्पष्ट परिभाषा तय करेगा, स्कूलों, पुलिस और विश्वविद्यालयों के लिए जागरूकता कार्यक्रम तैयार करेगा और हर साल संसद को रिपोर्ट देगा।
इस विधेयक को सिख समुदाय के कई राष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। उनका कहना है कि सिखों के खिलाफ भेदभाव रोकने के लिए संघीय स्तर पर तुरंत और ठोस कदम उठाना ज़रूरी है। इनमें सिख गठबंधन, सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड और अमेरिकन सिख कॉकस कमेटी शामिल हैं।
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