भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की श्रीलंका यात्रा का यह दूसरा और अंतिम दिन है। / IANS
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीलंका की एक महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने यहां श्रीलंका में वरिष्ठ सैन्य लीडरशिप, रक्षा सचिव और डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर के साथ अहम मुलाकात की। भारतीय सेना प्रमुख की इन द्विपक्षीय चर्चाओं में रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूती देने व आर्मी टू आर्मी संबंधों को घनिष्ठ करने पर जोर दिया गया।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की श्रीलंका यात्रा का यह दूसरा और अंतिम दिन है। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री, (सेवानिवृत्त) मेजर जनरल अरुणा जयसेकरा से मुलाकात की। इसके अलावा, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने श्रीलंका के रक्षा सचिव, (सेवानिवृत्त) एयर वाइस मार्शल संपत थुयाकोंथा के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य भारत व श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। भारत-श्रीलंका की सेनाओं के बीच सहभागिता को बढ़ावा देना और मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर भी फोकस किया गया।
यह संवाद क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और स्थायी रक्षा साझेदारी के प्रति भारत और श्रीलंका की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पहले, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कोलंबो स्थित श्रीलंका सेना मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया था। इसके पश्चात उन्होंने श्रीलंका सेना के कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लसांथा रोड्रिगो से मुलाकात की। दोनों सैन्य नेताओं के बीच हुई वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने, दोनों देशों के सैन्य संबंधों को गहरा करने व क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर भारत की ओर से श्रीलंका को सैन्य वाहन, एंबुलेंस तथा प्रशिक्षण सिमुलेटर भी सौंपे गए।
यह कदम न केवल रक्षा सहयोग को और मजबूत करता है, बल्कि भारत और श्रीलंका के बीच मित्रता और विश्वास के दीर्घकालिक संबंधों को भी और सुदृढ़ करता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने के साझा प्रयासों का स्पष्ट संकेत है।
गौरतलब है कि बीते दिनों श्रीलंका में भयंकर चक्रवात आया था। इस चक्रवात से जान माल की काफी हानि हुई है। चक्रवात के बाद से भारतीय सेना यहां लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। भारतीय सेना ने श्रीलंका में 5,000 से अधिक लोगों को उपचार मुहैया कराया है। दरअसल, श्रीलंका में चक्रवात के साथ आई भीषण बाढ़ ने यहां संकट को और गहरा कर दिया। ऐसे कठिन समय में भारत ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका की मदद कर रहा है।
भारतीय सेना ने यहां एक अत्याधुनिक फील्ड हॉस्पिटल स्थापित किया है। भारतीय सेना का यह दल श्रीलंका के सबसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्र में तैनात है। यहां स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हजारों लोगों का इलाज किया जा चुका है। भारतीय सेना ने यहां मुसीबत में फंसे लोगों को बचाने के लिए क्षतिग्रस्त पुलों व सड़कों का निर्माण भी किया है।
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