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भारत-दक्षिण कोरिया के बीच डिजिटल पेमेंट के एकीकरण पर समझौता

बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान दिया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने कहा कि बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग के बीच सोमवार, 20 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। / IANS/PMO

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान दिया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने कहा कि बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे। 

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, 'भारत के लोगों और पीएम मोदी, मैं आपकी पहल और मुझे और मेरे डेलीगेशन को दी गई गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जो सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तौर पर 8 साल में पहली बार आपके देश का स्टेट विजिट करके मुझे बहुत खुशी हो रही है।'

उन्होंने कहा, 'आज, पीएम और मैंने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर गहरी बातचीत की और वैश्विक और क्षेत्री मामलों पर अपने विचार शेयर किए। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, भारत वैश्विक दक्षिण में एक नेता के तौर पर उभरा है। आपके 'विकसित भारत 2047' विजन के तहत भारत बहुत अच्छा विकास कर रहा है। रिपब्लिक ऑफ कोरिया भी चिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर और कल्चरल इंडस्ट्रीज में एक लीडर के तौर पर उभरा है।'

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, 'अनिश्चितता के इस दौर में हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और कोरिया आपसी विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग के लिए सबसे अच्छे पार्टनर हो सकते हैं। हम शिप बिल्डिंग, एआई, वित्त और रक्षा जैसी रणनीतिक उद्योग में सहयोग बढ़ाने और कल्चर और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी सहमत हुए हैं।'

उन्होंने कहा, 'हमारा मकसद भारत और साउथ कोरिया के बीच अभी के 25 बिलियन डॉलर के सालाना ट्रेड वॉल्यूम को 2030 तक बढ़ाकर लगभग 50 बिलियन डॉलर करना है।'

साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ली जे म्युंग ने कहा, 'भारत और दक्षिण कोरिया ने इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए एक एमओयू साइन किया है, जिससे हमारे दोनों देश के नागरिक एक-दूसरे के देशों में जाने पर लोकल क्यूआर कोड सिस्टम का इस्तेमाल करके पेमेंट कर सकेंगे। यह एक ऐसा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा में और भी आसान हो जाएंगी।'

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मैंने मिडिल ईस्ट में हाल की घटनाओं पर अपने विचार शेयर किए और इस बात पर सहमत हुए कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति वापस लाना वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है।

भारत और कोरिया के बीच सिनेमा, संस्कृति, भाषा और शिक्षा को लेकर ली जे म्युंग ने कहा, 'क्रिएटिव क्षेत्र से संबंधित एमओयू के तहत हमारी सहमति बनी है कि हम मुंबई-कोरिया सेंटर बनाएंगे। उम्मीद है कि यहां के-पॉप और बॉलीवुड मिलकर एक सांस्कृतिक सहयोग बनाएंगे। भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे।'

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