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लॉस एंजिल्स में भारत का पहला वाणिज्य दूतावास शुरू, संबंधों को मिली नई ऊंचाई

जैसे-जैसे लॉस एंजिल्स और भारत साथ मिलकर भविष्य की ओर देख रहे हैं, यह स्पष्ट है कि यह साझेदारी लंबे समय तक टिकने वाली है।

लॉस एंजिल्स में भारत का पहला वाणिज्य दूतावास / Pallavi Mehra

लॉस एंजिल्स की पहचान लंबे समय से वैश्विक महत्वाकांक्षा और प्रभाव के प्रतीक के रूप में रही है, लेकिन अब डाउनटाउन एलए स्थित AON सेंटर की 45वीं मंज़िल ने एक नया कूटनीतिक महत्व भी हासिल कर लिया है। भारत ने 707 विल्शायर बुलेवार्ड पर लॉस एंजिल्स में अपना पहला भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate) खोल दिया है, जो अमेरिका के वेस्ट कोस्ट पर भारत की कूटनीतिक मौजूदगी का बड़ा विस्तार माना जा रहा है।

पूरी 45वीं मंज़िल में फैला यह नया वाणिज्य दूतावास दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया के साथ-साथ एरिज़ोना, नेवाडा और न्यू मैक्सिको राज्यों को सेवाएं देगा। हालांकि कांसुलर सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, लेकिन हाल ही में यहां पहला औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने भारत-अमेरिका के व्यापारिक, तकनीकी और सांस्कृतिक रिश्तों में कैलिफ़ोर्निया की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
लॉस एंजिल्स के जुड़ने के साथ ही कैलिफ़ोर्निया दुनिया का एकमात्र राज्य बन गया है, जहां भारत के दो वाणिज्य दूतावास (सैन फ्रांसिस्को और लॉस एंजिल्स) हैं।

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सांस्कृतिक जुड़ाव से हुई शुरुआत
उद्घाटन कार्यक्रम “LA & India Rising Skyward Together” के नाम से आयोजित किया गया, जिसकी अगुवाई लॉस एंजिल्स में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. के. जे. श्रीनिवास ने की। कार्यक्रम की शुरुआत भारत और कैलिफ़ोर्निया के गहरे सांस्कृतिक संबंधों की याद दिलाने के साथ हुई। सरोद वादक स्टीफन डे की प्रस्तुति ने कांच से घिरे हॉल में मौजूद तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और उद्यमियों को कुछ पलों के लिए मंत्रमुग्ध कर दिया।

आध्यात्म से विज्ञान तक का सफर
कार्यक्रम का स्वर धीरे-धीरे आध्यात्मिक माहौल से वैज्ञानिक और तकनीकी विमर्श की ओर बढ़ा। यह परिवर्तन कैलटेक (Caltech) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का प्रतीक था। कार्यक्रम का संचालन एड ऑल्टमैन ने किया और इसमें कला से लेकर विज्ञान तक विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। NASA के इंजीनियर बोबाक फ़रदौसी और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी से जुड़े नेताओं के साथ तेज़-तर्रार “लाइटनिंग पावर पैनल्स” भी आयोजित किए गए।

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