प्रोफेसर की चेतावनी / people.eecs.berkeley.edu/~minilek/
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के प्रोफेसर जेलानी नेल्सन ने नए H-1B वीजा आवेदनों पर रोक को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कदम टेक्सास ही नहीं, बल्कि पूरे अमेरिका की उच्च शिक्षा और शोध व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है।
कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर नेल्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित किया और बताया कि कैसे विदेशी मूल के शिक्षाविदों ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों की वैश्विक प्रतिष्ठा बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
UT Austin के उदाहरण देकर जताई चिंता
नेल्सन ने अपने पोस्ट में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट ऑस्टिन से जुड़े कई प्रतिष्ठित विदेशी मूल के शिक्षाविदों का जिक्र किया। इनमें प्रमुख नाम प्रोफेसर ई. सी. जॉर्ज सुधर्शन का है, जिनका जन्म केरल, भारत में हुआ था और जिन्होंने सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया।
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सुधर्शन ने क्वांटम ऑप्टिक्स और कण भौतिकी से जुड़े सिद्धांतों को नई दिशा दी और कमजोर अंतःक्रियाओं (Weak Interactions) की समझ को आगे बढ़ाया। UT Austin में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन से सैद्धांतिक भौतिकी की मजबूत संस्कृति विकसित हुई, जिससे विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
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