ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

H-1B वीजा धोखाधड़ी पर टेक्सास में सख्ती, अटॉर्नी जनरल ने दिए जांच के आदेश

यह जांच ऐसे समय शुरू हुई है, जब टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य के सरकारी स्कूलों, विश्वविद्यालयों और टैक्सपेयर्स द्वारा वित्तपोषित संस्थानों में H-1B वीजा के इस्तेमाल की जांच की मांग की थी।

अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन / Wikimedia commons

H-1B वीजा कार्यक्रम में कथित धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने राज्य में काम कर रही कंपनियों की जांच के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई की शुरुआत नॉर्थ टेक्सास की तीन कंपनियों से की गई है, जिन पर H-1B वीजा के दुरुपयोग का संदेह है।

अटॉर्नी जनरल कार्यालय के अनुसार, जांच के दायरे में आई कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी या दिखावटी कंपनियां (शैम कंपनियां) बनाकर H-1B वीजा कार्यक्रम को धोखा दिया। इन कंपनियों की वेबसाइट्स पर ऐसे उत्पादों और सेवाओं का प्रचार किया गया, जो वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं हैं, ताकि विदेशी नागरिकों को धोखाधड़ी के जरिए वीजा स्पॉन्सर किया जा सके।

यह भी पढ़ें- ChatGPT पर सरकारी दस्तावेज अपलोड करने के आरोप, विवादों में US के टॉप साइबर अधिकारी

‘घोस्ट ऑफिस’ का आरोप
जांच में सामने आए साक्ष्यों के मुताबिक, एक कंपनी ने एक सिंगल-फैमिली घर को अपना ऑफिस एड्रेस बताया, जबकि वेबसाइट पर कार्यस्थल का पता एक खाली और अधूरी इमारत का दिया गया था। आरोप है कि इस तरह की कंपनियों ने बीते वर्षों में कई H-1B वीजा स्पॉन्सर किए हैं।

This post is for paying subscribers only

SUBSCRIBE NOW

Comments

Related

To continue...

Already have an account? Log in

Create your free account or log in