ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

सरकारी अध्ययन में खुलासा: ब्रिटेन में लिंग-आधारित गर्भपात करा रहे हैं भारतीय

लिंग अनुपात 100 लड़कियों पर 113 लड़कों तक पहुंच गया, जो कि 100 लड़कियों पर 107 लड़कों की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है।

सांकेतिक तस्वीर / Pexels

यूनाइटेड किंगडम की एक सरकारी रिपोर्ट में 2017 से 2021 के बीच लड़कों और लड़कियों के जन्म अनुपात में असंतुलन पाया गया है, जो लड़कियों को जन्म देने से रोकने के लिए IVF या गर्भपात के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है।

स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग (DHSC) की इस रिपोर्ट में इसे 'सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण असंतुलन' बताया गया है और अनुमान लगाया गया है कि '2017 से 2021 तक पांच वर्षों की अवधि में लगभग 400 लिंग-चयनात्मक गर्भपात मादा भ्रूणों के लिए किए गए होंगे।'

2017-2021 के दौरान, यूके में 3.6 मिलियन जन्म दर्ज किए गए, जिसमें प्रति 100 लड़कियों पर 105.4 लड़कों का प्राकृतिक लिंग अनुपात था- जो कि सामान्य वैश्विक सीमा 107 के भीतर है। 107 से अधिक जन्म अनुपात को लिंग चयन का मजबूत प्रमाण माना जाता है।

दो या दो से अधिक बच्चों वाली भारतीय मूल की माताओं के लिए, यह अनुपात प्रति 100 लड़कियों पर 113 लड़कों तक पहुंच गया, जो सीमा से काफी अधिक है। ब्रिटेन में लिंग-चयनात्मक गर्भपात गैरकानूनी है और केवल लिंग वरीयता के कारण गर्भपात कराना एक आपराधिक कृत्य है।


 

Comments

Related