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भारत-श्रीलंका संबंधों की मजबूती पर जोर, कोलंबो में उच्चस्तरीय संवाद

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के नेतृत्व में कोलंबो में श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेश रोजगार और पर्यटन मंत्री माननीय विजिता हेराथ के साथ एक सार्थक और रचनात्मक संवाद आयोजित किया गया।

बैठक में भारत और श्रीलंका के बीच जन-जन के स्तर पर संपर्क को और मजबूत करने तथा पर्यटन क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। / @sanghaviharsh

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ते सहयोग और आपसी संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के नेतृत्व में कोलंबो में श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेश रोजगार और पर्यटन मंत्री माननीय विजिता हेराथ के साथ एक सार्थक और रचनात्मक संवाद आयोजित किया गया।

इस मुलाकात के दौरान भगवान बुद्ध की पवित्र देवनिमोरी अवशेष प्रदर्शनी को लेकर श्रीलंका की जनता द्वारा दिखाए गए व्यापक जनसमर्थन और गहरी श्रद्धा के लिए आभार व्यक्त किया गया। बैठक में भारत और श्रीलंका के बीच जन-जन के स्तर पर संपर्क को और मजबूत करने तथा पर्यटन क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि पर्यटन के माध्यम से न केवल आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी और अधिक सशक्त होगा।

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने दावा किया कि इस प्रदर्शनी को लेकर श्रीलंका में जिस तरह की सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली, वह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाती है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में हर्ष संघवी ने कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के नेतृत्व में कोलंबो में श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेशी रोजगार और पर्यटन मंत्री विजिता हेरथ के साथ सार्थक और रचनात्मक बातचीत हुई।"

उन्होंने आगे लिखा, "भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष प्रदर्शनी के प्रति मिले जबरदस्त सार्वजनिक प्रतिसाद और गहरी श्रद्धा के लिए आभार व्यक्त किया गया। बातचीत में भारत और श्रीलंका के बीच लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। यह बातचीत पीएम नरेंद्र मोदी की 'पड़ोसी पहले' नीति की भावना और दोनों देशों के बीच स्थायी सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है।"


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