ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

अगर सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए तो अगले ही दिन नए शुल्क लगाएगा प्रशासन

रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट आने वाले हफ्तों में इन टैरिफ पर फैसला सुना सकता है, और यह निर्णय 20 जनवरी तक भी आ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / REUTERS/Kevin Lamarque

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने संकेत दिया है कि अगर सुप्रीम कोर्ट आपातकालीन कानून के तहत लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ (शुल्क) को रद्द करता है, तो सरकार लगभग तुरंत नए टैरिफ लागू कर देगी। यह जानकारी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव) जैमीसन ग्रीर ने 19 जनवरी को न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट आने वाले हफ्तों में इन टैरिफ पर फैसला सुना सकता है, और यह निर्णय 20 जनवरी तक भी आ सकता है। यह मामला राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा को लेकर एक बड़ा संवैधानिक परीक्षण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब जनवरी 2025 में सत्ता में लौटने के बाद ट्रम्प प्रशासन ने व्यापक अधिकारों का दावा किया है।

ग्रीर ने कहा कि अगर अदालत राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए मौजूदा टैरिफ को अवैध ठहराती है, तो प्रशासन “अगले ही दिन” नए शुल्क लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास टैरिफ लागू करने के लिए अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं।

यह भी पढ़ें- स्पेन के विदेश मंत्री अल्बेरेस दो दिन भारत में, राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मिलेंगे

विवाद की जड़ में इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट, 1977 (IEEPA) है, जिसके तहत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित होने की स्थिति में राष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक लेन-देन को नियंत्रित करने का व्यापक अधिकार मिलता है। ट्रम्प प्रशासन ने इसी कानून के तहत वैश्विक स्तर पर टैरिफ लागू किए थे।

अगर सुप्रीम कोर्ट IEEPA के इस्तेमाल को खारिज करता है, तो ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट पहले ही संकेत दे चुके हैं कि प्रशासन 1974 के एक कानून का सहारा ले सकता है। यह कानून व्यापार असंतुलन से निपटने के लिए 150 दिनों तक 15 प्रतिशत तक के व्यापक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। इसके अलावा, सरकार 1930 के एक कानून का भी इस्तेमाल कर सकती है, जिसके तहत उन देशों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है जो अमेरिकी व्यापार के साथ भेदभाव करते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम को वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था फिलहाल टैरिफ झटकों को झेलने की क्षमता दिखा रही है, लेकिन लंबे समय तक ऐसे कदम वैश्विक विकास के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए भेजे गए अनुरोध का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया है।

न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।

Comments

Related