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श्री थानेदार के चुनावी अभियान को मिली बढ़त, शीर्ष डेमोक्रेटिक नेताओं ने दिया समर्थन

मिशिगन के 13वें जिले से एक बार फिर से कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ रहे श्री थानेदार को प्रतिनिधि सभा के नेता हकीम जेफ्रीज़, व्हिप कैथरीन क्लार्क और डेमोक्रेटिक कॉकस के अध्यक्ष पीट एगुइलर ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। 

 भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार और प्रतिनिधि सभा के नेता हकीम जेफ्रीज़।   भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार और प्रतिनिधि सभा के नेता हकीम जेफ्रीज़। / Image provided

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार को अपने आगामी चुनावी अभियान में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नेताओं का समर्थन मिला है। 

मिशिगन के 13वें जिले से एक बार फिर से कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ रहे श्री थानेदार को प्रतिनिधि सभा के नेता हकीम जेफ्रीज़, व्हिप कैथरीन क्लार्क और डेमोक्रेटिक कॉकस के अध्यक्ष पीट एगुइलर ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। 

जेफ्रीज, क्लार्क और एगुइलर की तरफ से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि श्री थानेदार हाउस के डेमोक्रेटिक कॉकस के सक्रिय सदस्य हैं और मिशिगन के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं।

बयान में आगे कहा गया कि कांग्रेस में अपने कार्यकाल के दौरान श्री थानेदार ने आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया है, चाहे वो अच्छी सैलरी वाली केंद्र सरकार की नौकरियां पैदा करना हो, लागत घटाने की बात हो या फिर आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की बात हो, वह हमेशा ही सभी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार रहे हैं। 

बयान में कहा गया है कि हम श्री थानेदार के फिर से कांग्रेस में निर्वाचन का पुरजोर समर्थन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह डेट्रायट और मिशिगन के 13वें जिले के लोगों की इसी तरह से सेवा करते रहेंगे। 

गौरतलब है कि कांग्रेस के 13वें जिले के सांसद श्री थानेदार ने अपनी नेतृत्व क्षमता और नवाचार से सम्मान अर्जित किया है। वह समुदायों के उत्थान और तरक्की को बढ़ावा देने वाली नीतियों के बड़े पैरोकार रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस में चुने जाने से पहले श्री थानेदार 2020 से 2022 तक मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राज्य प्रतिनिधि के तौर पर कार्य कर चुके हैं। 

श्री थानेदार एक वैज्ञानिक और उद्यमी भी हैं। उन्होंने भारत में गरीबी का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। एक समय था, जब वह परिवार की जरूरत को पूरा करने के लिए नदी से पानी लाया करते थे। अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए चौकीदार के रूप में काम करते थे। 

24 साल की उम्र में जब वह अमेरिका आए थे, तब उनके पास केवल 20 डॉलर थे। तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत से एमबीए और पीएचडी किया। वह मिशिगन यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर भी रहे। 

श्री थानेदार ने अपने 25 साल के करियर में कई सफल बिजनेस खड़े किए, 500 से अधिक लोगों को अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियां दीं। उनकी उद्यमशीलता को देखते हुए अर्न्स्ट एंड यंग ने उन्हें तीन बार 'एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर' पुरस्कार से सम्मानित किया। जब उन्होंने अपनी बिजनेस छोड़ा तो बिक्री से हुई कमाई को अपने सभी कर्मचारियों में बांट दिया था। 


 

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