गुजरात के साणंद में सीजी पावर की भारत की पहली एंड-टू-एंड सेमीकंडक्टर ओएसएटी पायलट लाइन सुविधा का उद्घाटन किया गया। सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में इसे भारत का ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह यूनिट इंजीनियरिंग कंपनी सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा संचालित है। इकाई के उद्घाटन के मौके पर कार्यक्रम में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शामिल हुए। दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में इसे भारत का ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
भारतीय सेमीकंडक्टर बाजार 2024-2025 में लगभग 45-50 अरब डॉलर का था, जबकि 2023 में यह 38 अरब डॉलर का था, जिसे 2030 तक दोगुने से भी अधिक 100-110 अरब डॉलर तक पहुंचने की बात कही गई है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साणंद में एंड-टू-एंड ओएसएटी पायलट लाइन सुविधा की शुरुआत को सेमीकंडर के उत्पादन के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि पायलट लाइन का उद्घाटन सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण और डाउनस्ट्रीम क्षमताओं के विकास के भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, और गुजरात इस परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने ओएसएटी पायलट लाइन की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत निर्मित चिप्स का उपयोग ग्राहक योग्यता के लिए किया जाएगा। इन चिप्स के स्वीकृत हो जाने के बाद, वाणिज्यिक संयंत्रों के लिए योग्य उत्पादों का पूर्ण पैमाने पर उत्पादन शुरू करना बहुत आसान हो जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह उद्घाटन भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत हासिल किए गए सबसे महत्वपूर्ण मील के पत्थरों में से एक है, जिसने अब तक दस परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
1st ‘Made in India’ chip to come from CG Semi Pilot Line soon. pic.twitter.com/aOnAilVSMk
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) August 28, 2025
वर्तमान में, ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देश सेमीकंडक्टर उद्योग पर हावी हैं। ताइवान दुनिया का अकेला देश है, जो 60 प्रतिशत से अधिक सेमीकंडक्टर का उत्पादन करता है। कुल मिलाकर ये देश दुनिया के 90 प्रतिशत अपडेटेड सेमीकंडक्टर बनाते हैं। हालांकि अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया ने घरेलू चिप विनिर्माण को समर्थन देने के साथ एक ही क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने राष्ट्रीय स्तर की रणनीति तैयार की है, जिससे भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटान जा सके।
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वहीं भारत इस वैश्विक बदलाव में एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभर रहा है। इंजीनियरिंग कंपनी सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड ने की सहायक इकाई सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने गुजरात के साणंद में अपनी पहली आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट फैसिलिटी की शुरुआत की है।
एक बयान में कंपनी ने कहा भारत की सेमीकंडक्टर क्षमता को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को इस यूनिट का लॉन्च किया जाना इस दिशा में बड़ा कदम है।
उद्घाटन के मौके पर सीजी पावर के अध्यक्ष, श्री वेल्लयन सुब्बैया ने कहा,"यह सुविधा मेरे या सीजी सेमी के लिए एक मील का पत्थर मात्र नहीं, यह एक राष्ट्रीय उपलब्धि है, जो दर्शाता है कि कैसे केंद्र अपने निर्धारित दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यहां बनाई जाने वाली चिप भारत की तकनीकी संप्रभुता की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
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