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आंध्र प्रदेश के युवक की अमेरिका में हुई गोलीबारी में मौत पर सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख

गोपीकृष्ण घटना से पहले केवल आठ महीने से अमेरिका में रह रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटा हैं, जो आंध्र प्रदेश के बापटला में करलापलेम जिले के याजाली क्षेत्र में रहते हैं।

गोपीकृष्ण मूल रूप से आंध्र प्रदेश के बापटला के रहने वाले थे। / @PMuralidharRao

अमेरिका के अरकंसास के फोर्डिस स्थित मैड बुचर ग्रोसरी स्टोर में 21 जून को हुई गोलीबारी में 32 साल के भारतीय दासारी गोपीकृष्ण की मौत हो गई थी। गोपीकृष्ण मूल रूप से आंध्र प्रदेश के बापटला के रहने वाले थे। 23 जून को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने दासरी गोपीकृष्ण की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। सीएम ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

नायडू ने एक ट्वीट में कहा, 'यह जानकर बहुत दुख हुआ कि बापटला के युवा दासरी गोपीकृष्ण की अमेरिका में गोलीबारी की घटना में चोट लगने से मौत हो गई। मैं उनके परिवार को अपनी गहरी संवेदनाएं देता हूं और उन्हें आश्वस्त करता हूं कि राज्य सरकार उन्हें घर लाने में हर संभव मदद करेगी। हम परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और प्रार्थना करते हैं कि इस कठिन समय में उन्हें ताकत मिले।'

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी भारतीय छात्र की मृत्यु पर दुख जताया है। उन्होंने नायडू सरकार और विदेश मंत्रालय से मृतक के परिजनों को बिना शर्त सहायता देने की अपील की है। बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने भी गोपीकृष्ण की मौत पर दुख जताया है।

32 वर्षीय गोपीकृष्ण अरकंसास में मैड बुचर ग्रोसरी स्टोर पर काम कर रहे थे जब 21 जून को एक हमलावर ने उन पर गोलीबारी कर दी। उन्हें गंभीर चोटें आईं और अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई। यह दुखद घटना लगभग 11:30 बजे हुई। इसमें तीन अन्य लोगों की भी मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए। घायलों में दो कानून प्रवर्तन अधिकारी भी शामिल थे। 23 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरकंसास राज्य पुलिस के निदेशक और सार्वजनिक सुरक्षा सचिव माइक हैगर ने कहा था कि संदिग्ध के कार्य बहुत कायरतापूर्ण और दयनीय हैं। उन्होंने कहा था कि संदिग्ध के इरादे स्पष्ट नहीं थे।

हमलावर की पहचान न्यू एडिनबर्ग के 44 साल के ट्रैविस यूजीन पोसी के रूप में हुई। पुलिस के साथ हुई बाद की गोलीबारी में हमलावर घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर का इलाज किया जा रहा है। उसपर चार लोगों की हत्या के आरोप लगेंगे। गोपीकृष्ण घटना से पहले केवल आठ महीने से अमेरिका में थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और बेटा हैं, जो आंध्र प्रदेश के बापटला में करलापलेम जिले के याजाली क्षेत्र में रहते हैं। आंध्र प्रदेश सरकार ने गोपीकृष्ण के शव को वापस लाने में उनके परिवार को समर्थन देने का वादा किया है।

इस बीच, मैड बुचर ग्रोसरी स्टोर के ओनर केंटकी स्थित कंपनी हौचेंस फूड ग्रुप ने भी गोलीबारी के बाद एक बयान जारी किया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि हम शुक्रवार को हुई गोलीबारी की घटना से बहुत दुखी हैं। यह दुकान हौचेंस फूड ग्रुप के स्वामित्व और संचालन में है। हम स्थानीय अधिकारियों के त्वरित जवाब के लिए आभारी हैं जिन्होंने संदिग्ध को पकड़ा और क्षेत्र को सुरक्षित किया। स्टोर अधिकारी जांच के दौरान पुलिस के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। जांच पूरी होने तक स्टोर बंद रहेगा।

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