(from left) गौरी ए सूद और संध्या कुमार / Harvard University
हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने 2026 के वार्षिक थॉमस टेम्पल हूप्स पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की है, जिसमें 4 भारतीय-अमेरिकी छात्रों को सम्मान मिला है। ये पुरस्कार विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की ओर से दिए जाते हैं। यह सम्मान स्नातक स्तर के उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और शिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
इस वर्ष सूची में शामिल भारतीय-अमेरिकी छात्रों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए 5,000 डॉलर की नकद राशि दी जाएगी। मनोविज्ञान और सरकार विषय की छात्रा गौरी ए सूद को उनके शोध हू इज ह्यूमन? बायसेज इन फ्रंटियर इमेज जनरेशन मॉडल्स के लिए सम्मानित किया गया है। मिनेसोटा की रहने वाली गौरी के काम का मार्गदर्शन प्रोफेसर महजरीन बनाजी और डॉ. लिंडसे डेविस ने किया।
सूची में भारतीय-अमेरिकी छात्रा संध्या कुमार का नाम भी शामिल है। उन्हें एंटेरिक न्यूरॉन्स रैपिडली प्राइम सिस्टमिक इम्युनिटी इन रिस्पॉन्स टू म्यूकोसल इन्फेक्शन शीर्षक वाले शोध के लिए पुरस्कार मिला। फ्लोरिडा के टल्लाहैसी की रहने वाली संध्या हार्वर्ड में जूनियर छात्रा हैं। वह 2022 की अमेरिकी प्रेसिडेंशियल स्कॉलर भी रह चुकी हैं। उनके काम का मार्गदर्शन डॉ. रुआध्री जैक्सन ने किया।
2022 की एक और अमेरिकी प्रेसिडेंशियल स्कॉलर आशिनी मोदी को भी हूप्स पुरस्कार मिला। उन्हें फाइंडिंग द राइट मैच फास्ट: फैक्टर्स इन्फ्लुएंसिंग द स्पीड-स्ट्रिंजेंसी-स्टेबिलिटी ट्रेडऑफ इन रिकए-मीडिएटेड होमोलॉजी रिकग्निशन ड्यूरिंग डबल स्ट्रैंड ब्रेक रिपेयर शीर्षक वाले शोध के लिए सम्मानित किया गया।
लुइजियाना के श्रेवपोर्ट की रहने वाली आशिनी के काम का मार्गदर्शन प्रोफेसर मारा प्रेंटिस ने किया। अरुंधति ओम्मेन को उनके शोध व्हेन लक बिकम्स द आर्बिटर: रिस्पॉन्सिबिलिटी, रिस्क, एंड द लिमिट्स ऑफ आउटकम-बेस्ड जजमेंट के लिए हूप्स पुरस्कार दिया गया। उनके काम का मार्गदर्शन प्रोफेसर एडवर्ड हॉल और प्रोफेसर शियाओ-ली मेंग ने किया। यह वार्षिक पुरस्कार 1919 के हार्वर्ड छात्र थॉमस टी हूप्स के नाम पर रखा गया है।
इसका वित्तपोषण हूप्स की संपत्ति से मिले अनुदानों से किया जाता है। यह सम्मान उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और शोध को पहचान देने के लिए दिया जाता है।
विश्वविद्यालय ने बताया कि यह फंड स्नातक छात्रों को ऐसे पुरस्कार देने के लिए बनाया गया है, जिनका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और बढ़ाना है। इसमें साहित्य, कला, संगीत, विज्ञान, इतिहास और अन्य शैक्षणिक विषय शामिल हैं, जो कॉलेज के पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं और जिन पर शिक्षकों की देखरेख होती है।
विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि ये पुरस्कार छात्रों की उत्कृष्टता, उनकी क्षमता और कौशल को पहचानने, सम्मानित करने और प्रोत्साहित करने के लिए दिए जाते हैं। इनमें विज्ञान और मानविकी के शोध कार्यों से लेकर शिक्षकों के मार्गदर्शन में किए गए विशेष लिखित कार्य भी शामिल होते हैं।
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