ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए CM, एक साल बाद राष्ट्रपति शासनकाल हटा

भाजपा ने बताया कि युमनाम खेमचंद सिंह को पार्टी का विधायक दल नेता चुना गया है और वे मणिपुर के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।

युमनाम खेमचंद सिंह / Photos courtesy BJP

मणिपुर विधानसभा के पूर्व स्पीकर युमनाम खेमचंद सिंह को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुना गया है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की बैठक के बाद यह घोषणा की गई।

बैठक के बाद भाजपा ने बताया कि युमनाम खेमचंद सिंह को पार्टी का विधायक दल नेता चुना गया है और वे मणिपुर के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे। गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगाया गया था। राज्य में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के चलते राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी।

61 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह बहुसंख्यक मैतेई समुदाय से आते हैं। वे इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं और सिंगजामेई विधानसभा सीट से 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज कर चुके हैं।

यह भी पढ़ें- टेक्सटाइल सेक्टर में ‘ट्रम्प कार्ड’: टैरिफ कट से सूरत की इंडस्ट्री को मिलेगा बड़ा बूस्ट

हाल ही में उन्होंने जातीय हिंसा के बाद एक अहम पहल करते हुए जनजातीय बहुल पहाड़ी जिलों उखरूल और कामजोंग का दौरा किया था। यह मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद किसी भी मैतेई नेता का इन क्षेत्रों का पहला दौरा माना जा रहा है, जिसे सामाजिक मेल-मिलाप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

सोमवार को भाजपा ने नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया शुरू की थी। पार्टी के संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को मणिपुर में विधायक दल नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। इसके बाद भाजपा और सहयोगी दलों के कई विधायक नई दिल्ली पहुंचे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रत सिंह, युमनाम खेमचंद सिंह और राज्य भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी भी पार्टी विधायकों के साथ राजधानी पहुंचे थे। शारदा देवी ने उस समय कहा था कि सरकार गठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मणिपुर में 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जो 12 फरवरी 2026 को समाप्त होना है। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है और राष्ट्रपति शासन के दौरान इसे निलंबित अवस्था में रखा गया था।

विधानसभा में भाजपा के 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए के सहयोगी दलों — नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच विधायक हैं। इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भी भाजपा नीत एनडीए को समर्थन दे रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में मणिपुर में स्थिर सरकार बनने और लंबे समय से जारी राजनीतिक व सामाजिक संकट से उबरने की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।

न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।

Comments

Related