FOSTTA के चेयरमैन कैलाश हकीम / image provided
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के ऐलान के बाद देश के टेक्सटाइल सेक्टर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। खासकर गुजरात के सूरत टेक्सटाइल मार्केट में इसे एक बड़े मौके के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में निर्यात और कारोबार दोनों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (FOSTTA) के चेयरमैन कैलाश हकीम ने कहा कि टैरिफ में भारी कटौती भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए “गेम चेंजर” साबित होगी। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और सूरत के आर्ट सिल्क, एम्ब्रॉयडरी वर्क और होम टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स की मांग में इजाफा होगा।
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FOSTTA के चेयरमैन कैलाश हकीम का कहना है, “टैरिफ कम होने से भारतीय टेक्सटाइल प्रोडक्ट ग्लोबल कॉम्पिटिशन में मजबूत होंगे। चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले अब भारत को अमेरिकी बाजार में बड़ा फायदा मिलेगा। आने वाला समय सूरत समेत पूरे देश के टेक्सटाइल सेक्टर के लिए सुनहरा होगा।”
उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि टैरिफ घटने के बाद भारतीय टेक्सटाइल उत्पाद अमेरिकी बाजार में सस्ते होंगे, जिससे ‘वॉलमार्ट’ और ‘टारगेट’ जैसे बड़े रिटेल स्टोर्स में सूरत के उत्पादों की मौजूदगी बढ़ेगी। इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से अमेरिका में भारतीय टेक्सटाइल की हिस्सेदारी बढ़ने की पूरी संभावना है और सूरत की पहचान एक बार फिर वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में मजबूत होगी। उद्योग जगत इसे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नए और सकारात्मक अध्याय की शुरुआत मान रहा है।
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