भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण / Courtesy: IANS/Qamar Sibtain
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 फरवरी को कहा कि अमेरिका द्वारा हाल ही में घोषित टैरिफ परिवर्तनों के प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्य मंत्रालय वर्तमान में पूरी स्थिति की समीक्षा कर रहा है। वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक आयात शुल्कों के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वैश्विक व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ गया है।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत सहित सभी देशों से होने वाले आयात पर 24 फरवरी से 150 दिनों की अवधि के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की बात कही गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की बारीकी से जांच कर रहा है और एक प्रतिनिधिमंडल आगे की व्यापार वार्ताओं के समय पर निर्णय लेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया, यूएई, कतर, ओमान जैसे देशों और यूरोपीय संघ (EU) व ब्रिटेन जैसे समूहों के साथ व्यापार समझौते कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव जारी रखना चाहता है ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का लाभ मिल सके। यह बयान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बजट के बाद की पारंपरिक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए दिया गया।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने सोने की बढ़ती कीमतों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने समझाया कि सोने की कीमतों में हालिया उछाल मुख्य रूप से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही बड़े पैमाने पर खरीदारी के कारण है। उन्होंने कहा कि अधिकांश देश आज अपनी संपत्ति सुरक्षित करने के लिए सोना और चांदी खरीदकर जमा कर रहे हैं। सीतारमण ने आश्वासन दिया कि सरकार और आरबीआई स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कीमतों में वृद्धि अभी खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंची है।
न्यू इंडिया अब्रॉड की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login