सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया / Supreme Court of India via Facebook
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत ‘भारतीय मूल का व्यक्ति’ (Person of Indian Origin – PIO) शब्द की परिधि से जुड़े अहम सवालों पर दायर एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर संज्ञान लिया है। यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद सामने आया है, जिसमें 18 वर्षीय अपीलकर्ता को भारतीय मूल का व्यक्ति मानने से इनकार कर दिया गया था।
मामले की शुरुआत तब हुई, जब आंध्र प्रदेश में जन्मी और वहीं पली-बढ़ी इस युवती ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया। हालांकि, उसका आवेदन कानूनी पेचिदगियों में उलझ गया। अपीलकर्ता का जन्म ऐसे माता-पिता से हुआ है, जो ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक हैं। उसके माता-पिता जन्म से भारतीय नागरिक थे, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय नागरिकता त्यागकर अमेरिकी नागरिकता अपना ली थी। इसके बावजूद, वे भारत में रह रहे थे, जब अपीलकर्ता का जन्म हुआ।
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भारतीय नागरिकता अधिनियम के अनुसार, जन्म के आधार पर नागरिकता (Birthright Citizenship) केवल उन्हीं बच्चों को मिलती है, जिनका जन्म भारत में हुआ हो और जिनके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो, जबकि दूसरा अवैध प्रवासी न हो। चूंकि अपीलकर्ता के जन्म के समय दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं थे, इसलिए वह इस प्रावधान के तहत नागरिकता पाने से अयोग्य ठहराई गई।
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