ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

कतर में गिरफ्तार नौसेना के पूर्व अधिकारी को हरसंभव कांसुलर मदद दे रहा भारत: विदेश मंत्रालय

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पूर्णेंदु तिवारी को पिछले महीने एक अदालती फैसले के बाद गिरफ्तार किया गया था और यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन (सब ज्यूडिस) है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। / IANS

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि कतर में गिरफ्तार भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को भारत सरकार की ओर से हरसंभव कांसुलर सहायता दी जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि दोहा स्थित भारतीय दूतावास लगातार तिवारी और उनके परिवार के संपर्क में है।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पूर्णेंदु तिवारी को पिछले महीने एक अदालती फैसले के बाद गिरफ्तार किया गया था और यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन (सब ज्यूडिस) है।

उन्होंने कहा, “उन्हें पिछले महीने एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया, जो कतर में काफी समय से चल रहा था। हमारी जानकारी के अनुसार इस मामले में अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। दूतावास कमांडर तिवारी और उनके परिवार के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव कांसुलर सहायता प्रदान कर रहा है।”

रणधीर जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला अदालत में लंबित होने के कारण इस पर आगे टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

यह भी पढ़ें- ट्रम्प बोले- ‘मुझे अंतरराष्ट्रीय कानून की जरूरत नहीं’

गौरतलब है कि 65 वर्षीय पूर्णेंदु तिवारी, जो ग्वालियर के रहने वाले हैं, उन आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों में शामिल थे जिन्हें लगभग दो साल पहले कतर के अमीर द्वारा माफी दी गई थी। हालांकि, एक नए कानूनी मामले में फंसने के कारण वे अब भी दोहा की जेल में बंद हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पूर्णेंदु तिवारी अगस्त 2022 में कतर की एक निजी कंपनी में काम करते समय जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किए गए थे। शुरू में उन्हें मृत्युदंड सुनाया गया था, लेकिन दिसंबर 2023 में कतर की अपीलीय अदालत ने सजा को कम करते हुए जेल में बदल दिया था और अपील के लिए 60 दिन का समय दिया गया।

फरवरी 2024 में सात पूर्व नौसेना अधिकारी शाही माफी के बाद भारत लौट आए थे, लेकिन तिवारी को उनके नियोक्ता दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण लगे यात्रा प्रतिबंध के चलते कतर में ही रोक लिया गया।

पूर्णेंदु तिवारी की बहन मीतू भार्गव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपने भाई के मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को X पर पोस्ट कर दावा किया कि उनके भाई को पुराने मामले से जोड़कर एक नया मामला गढ़ा गया है, जिसमें उन्हें आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छह साल की सजा दी गई है।

परिवार का कहना है कि तिवारी की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ रही है। उन्हें हाइपरटेंशन, डायबिटीज और PTSD जैसी बीमारियां हैं, जो लंबे समय तक एकांत कारावास के कारण और गंभीर हो गई हैं।

मीतू भार्गव ने नौसेना प्रमुख से भी अपील की है कि रक्षा समुदाय उनके भाई की रिहाई के लिए आगे आए।

Comments

Related